अहमदाबाद के करीब 10 प्रमुख निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से बुधवार को शहर में हड़कंप मच गया। सुबह के वक्त अचानक मिले इस धमकी भरे संदेश के बाद शैक्षणिक संस्थानों और अभिभावकों के बीच गहरी चिंता फैल गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वॉड और तोड़फोड़-रोधी दल तुरंत हरकत में आ गए। सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी देरी के सभी संलिप्त स्कूलों के परिसरों को अपने कब्जे में लिया और गहन तलाशी अभियान शुरू किया।
एहतियात के तौर पर कई स्कूलों ने तुरंत प्रभाव से बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कक्षाओं को बीच में ही रोक दिया और अभिभावकों को संदेश भेजकर बच्चों को सुरक्षित घर ले जाने के लिए कहा। बच्चे अचानक स्कूल से घर भेजे जाने के कारण दहशत में आ गए और माता-पिता भी तुरंत स्कूलों की तरफ दौड़े।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ईमेल भेजने वाले ने खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़ा बताया था। इसके साथ ही, ईमेल में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले प्रसिद्ध गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट तथा उनमें बम धमाके करने की धमकियों का भी जिक्र किया गया था।
घंटों चले कड़े तलाशी अभियान और तकनीकी जांच के बाद पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूलों को मिली यह धमकी पूरी तरह से फर्जी थी। किसी भी स्कूल परिसर से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई, जिसके बाद प्रशासन और लोगों ने राहत की सांस ली।
फिलहाल, अहमदाबाद पुलिस की साइबर क्राइम विंग और अन्य जांच एजेंसियां मिलकर इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस तरह के दहशत फैलाने वाले फर्जी ईमेल कहां से और किसने भेजे थे। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है।

