नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में इस वर्ष तीजा-पोरा तिहार का पावन पर्व अत्यंत धूमधाम, हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचीं हजारों माताओं, बहनों और बेटियों के स्वागत के लिए पूरे मुख्यमंत्री निवास को एक आत्मीय छत्तीसगढ़ी गांव और मायके के रूप में सजाया गया था। पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प और ग्रामीण परिवेश की सजावट के बीच सजे इस परिसर ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता पार्वती की तपस्या और समर्पण से जुड़े इस पर्व पर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए कहा कि तीजा और पोरा हमारी माटी, परिवार, पशुधन और लोकजीवन से जुड़ा एक जीवंत उत्सव है।
माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीजा पर बेटियों के मायके आने की सुंदर परंपरा है और आज मुख्यमंत्री निवास हर बहन का अपना मायका है। भाई के घर बहनों का यह आगमन अत्यंत सौभाग्य और आनंद का विषय है, जिससे पूरा परिसर आत्मीयता और उत्साह की धुनों से गूंज उठा।

इस अवसर पर सुपोषण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया गया और इसके लोगो का विमोचन हुआ। साथ ही, 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले राष्ट्रीय पोषण माह का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री ने सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाई और नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन कराया।
महिला सशक्तिकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का विशेष उल्लेख किया। योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही हैं।
छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति अब पारंपरिक दायरों से बाहर निकलकर विकास के नए आयाम गढ़ रही है। निर्धारित 8 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध राज्य में 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसके अलावा, महिलाएं ड्रोन दीदी, डीलर दीदी और रानी मिस्त्री जैसी आधुनिक भूमिकाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन के साथ संपत्ति का स्वामित्व देने के लिए सरकार द्वारा संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टांप शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का संकल्प तेजी से पूरा किया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी इस अवसर पर माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियां, फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़ और झूलों के आनंद के बीच यह तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, भाई-बहन के पवित्र प्रेम और मातृशक्ति के अदम्य उल्लास का ऐतिहासिक प्रतीक बन गया।

