रायपुर/धमतरी: ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान की दिशा में धमतरी जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर, जिला प्रशासन धमतरी और बीआरपी शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के बीच ‘STREE’ (Skill Development through Technological Resources for Empowering Economic Growth of Women) परियोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तकनीक के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर NIT रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमणा राव, धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा तथा पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर परियोजना का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित कई शिक्षाविद् एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता केवल कागजी नहीं, बल्कि धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने वाला एक जमीनी बदलाव साबित होगा।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) द्वारा संचालित TDUPW-A2K+ कार्यक्रम का हिस्सा है। परियोजना के लिए लगभग 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। आगामी 36 महीनों की अवधि के भीतर जिले की 300 ग्रामीण महिलाओं को उच्च-स्तरीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन सकें।
प्रशिक्षण के दायरे में केवल पारंपरिक कार्य ही नहीं, बल्कि आधुनिक बाजार की जरूरतों को भी शामिल किया गया है। महिलाओं को मुख्य रूप से कोसा रेशम प्रसंस्करण, प्राकृतिक फाइबर निष्कर्षण, आधुनिक बुनाई तकनीक, उत्पाद डिजाइनिंग और उद्यमिता विकास के गुर सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही, तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए सशक्त ‘मार्केट लिंकेज’ भी प्रदान किया जाएगा। परियोजना में विशेष रूप से आदिवासी एवं वंचित वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि स्थानीय संसाधनों का बेहतर मूल्य संवर्धन (Value Addition) सुनिश्चित हो सके।
धमतरी जिले की भौगोलिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए यहाँ हैंडलूम और कृषि आधारित आजीविका की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। NIT रायपुर के निदेशक डॉ. रमणा राव ने इस साझेदारी को ‘समावेशी नवाचार’ का नाम देते हुए कहा कि यह तकनीक को प्रयोगशालाओं से निकालकर सीधे खेतों और घरों तक पहुँचाने की कोशिश है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला-नेतृत्व वाले ये सूक्ष्म उद्योग आने वाले समय में जिले की पहचान बनेंगे।
कुल मिलाकर, ‘STREE’ परियोजना धमतरी में महिला सशक्तिकरण का एक ऐसा प्रभावी मॉडल स्थापित करने जा रही है, जो न केवल महिलाओं को कौशल विकास के अवसर देगा, बल्कि उन्हें लघु उद्योगों की स्थापना के लिए प्रेरित भी करेगा। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को स्थानीय स्तर पर मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित होगी, जिससे भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा मिलेगी।

