छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गाँव) योजना के तहत जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित अत्यंत दुर्गम ग्राम गारपा में पहली बार बिजली पहुँची है। दशकों से अंधेरे में जीवन यापन कर रहे ग्रामीणों के लिए यह क्षण किसी उत्सव से कम नहीं था, जब उनके घरों में पहली बार बिजली के बल्ब जगमगा उठे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दे रही है। गारपा जैसे क्षेत्रों में, जहाँ कभी भौगोलिक विषमताओं और सुरक्षा चिंताओं के कारण पहुँचना भी दूभर था, अब शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुँच रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को मिशन मोड में लेते हुए गारपा को अंधकार मुक्त करने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया।
इस विद्युतीकरण परियोजना के तकनीकी पहलुओं की बात करें तो बिजली विभाग ने लगभग 55 लाख रुपये की लागत से इस कार्य को अंजाम दिया है। विभाग द्वारा गारपा के 48 परिवारों को घरेलू बिजली कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। कार्यपालन अभियंता कुमार लाल उइके ने बताया कि घने जंगलों और पहाड़ी रास्तों के बीच बिजली के खंभे खड़े करना और तारों का जाल बिछाना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे विभाग की टीम ने अदम्य साहस और प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया।
बिजली के पहुँचने से ग्रामीणों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। अब गाँव के बच्चों को रात में पढ़ाई करने के लिए ढिबरी या लालटेन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उनकी शिक्षा के स्तर में सुधार होगा। इसके साथ ही, गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और टीकाकरण व अन्य चिकित्सा सुविधाओं के लिए आवश्यक कोल्ड स्टोरेज जैसे उपकरणों का संचालन भी सुलभ हो सकेगा।
आर्थिक दृष्टि से भी यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिजली की उपलब्धता से ग्रामीणों के लिए कुटीर उद्योगों और कृषि आधारित छोटे व्यवसायों के नए रास्ते खुलेंगे। सिंचाई के लिए पंपों का उपयोग और मोबाइल कनेक्टिविटी में सुधार होने से ग्रामीणों का संपर्क बाहरी दुनिया से मजबूत होगा। लंबे समय से उपेक्षित महसूस कर रहे वनांचल वासियों में इस विकास कार्य से शासन के प्रति विश्वास और उत्साह का संचार हुआ है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ‘नियद नेल्लानार’ योजना का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की बुनियादी सुविधाओं को पहुँचाना है। गारपा की सफलता के बाद प्रशासन अब जिले के अन्य चिन्हांकित सुदूर गांवों में भी प्राथमिकता के आधार पर सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाने के लिए कार्य कर रहा है। यह पहल बस्तर संभाग के नक्सल मुक्त क्षेत्रों में शांति और खुशहाली की एक नई सुबह का प्रतीक है।

