इंडी गठबंधन की आगामी राजनीतिक गतिविधियों और रैलियों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी राजनीतिक सक्रियता और चौकसी काफी बढ़ा दी है। इसी क्रम में, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें पार्टी की आगामी रणनीतियों पर गहन मंथन किया गया।
इन बैठकों में पार्टी के कई वरिष्ठ और दिग्गज नेता तथा केंद्रीय मंत्री मुख्य रूप से शामिल हुए। बैठक में हिस्सा लेने वाले प्रमुख चेहरों में शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया जैसे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शामिल रहे, जिन्होंने विपक्ष की रणनीतियों को मात देने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।
सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों और उनके आक्रामक अभियानों का तथ्यात्मक तथा राजनीतिक रूप से प्रभावी काउंटर तैयार करना है। विशेषकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और विपक्ष द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न राजनीतिक अभियानों का मुकाबला करने के लिए पार्टी ने अपनी रूपरेखा को धार देना शुरू कर दिया है।
केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठक से पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिवों के साथ भी एक अलग संगठनात्मक बैठक की थी। इस बैठक में बीएल संतोष, स्मृति ईरानी और सुनील बंसल जैसे प्रमुख महासचिव मौजूद रहे, जहाँ संगठन के आंतरिक कामकाज, आगामी कार्यक्रमों और देश भर में चलाए जाने वाले जन-जागरण अभियानों की समीक्षा की गई।
पार्टी का मानना है कि विपक्ष के इन एकजुट प्रदर्शनों और बयानों का जवाब जमीनी स्तर पर मजबूती से दिया जाना आवश्यक है। इसके तहत भाजपा देश के विभिन्न हिस्सों में अपने नेताओं और युवा मोर्चे को सक्रिय करते हुए विपक्ष के फैलाए जा रहे कथित भ्रम के खिलाफ जनता के बीच अपनी बात रखने की तैयारी में जुटी है।

