छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अप्रैल 2026 के लिए केरोसिन का कोटा आवंटित कर दिया है। केंद्र सरकार से प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए प्राप्त कुल स्टॉक में से 528 किलोलीटर केरोसिन राज्य के राशनकार्डधारियों के लिए जारी किया गया है। विभाग के अनुसार, इस आवंटन का लाभ मुख्य रूप से अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को मिलेगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लाखों लोग लाभान्वित होंगे।
वितरण के नियमों को स्पष्ट करते हुए शासन ने बताया है कि शहरी क्षेत्रों में प्रति राशनकार्ड अधिकतम 1 लीटर केरोसिन दिया जाएगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों की विशेष जरूरतों को देखते हुए, चाहे वह अनुसूचित क्षेत्र हो या गैर-अनुसूचित, वहां प्रति कार्ड अधिकतम 2 लीटर केरोसिन प्रदान किया जाएगा। यह वितरण राज्य भर की उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) के माध्यम से किया जाएगा। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र हितग्राहियों को उनकी निर्धारित मात्रा पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराई जाए।
जिलावार आवंटन की बात करें तो बिलासपुर जिले को सबसे अधिक 36 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया गया है। इसके अलावा रायपुर, बस्तर, दुर्ग, कोरबा, जशपुर, कांकेर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा और महासमुंद जैसे प्रमुख जिलों को 24-24 किलोलीटर का कोटा मिला है। राज्य के अन्य छोटे जिलों के लिए 12-12 किलोलीटर केरोसिन निर्धारित किया गया है। इस आवंटन का उद्देश्य स्थानीय मांग के अनुसार ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि केरोसिन का उठाव और वितरण तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि हर पात्र परिवार को अपनी पात्रता की जानकारी हो। इसके साथ ही, विभाग ने ‘री-अलोकेशन’ की नीति अपनाई है, जिसके तहत कम मांग वाली दुकानों का शेष स्टॉक उन दुकानों को भेजा जाएगा जहाँ मांग अधिक है, ताकि किसी भी क्षेत्र में ईंधन की कमी न हो।
समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के लिए 30 अप्रैल 2026 की तारीख तय की गई है। सभी उचित मूल्य दुकानों को इस तिथि तक अनिवार्य रूप से आवंटन का उठाव करना होगा। साथ ही, तेल कंपनियों (Oil Companies) को भी पाबंद किया गया है कि वे लैप्स हो रहे कोटे की विस्तृत जानकारी माह के अंत तक विभाग को उपलब्ध कराएं। शासन की इस सक्रियता का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सहायता पहुँचाना है।

