इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में फोन पर एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बातचीत हुई है। इस दौरान नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इजराइल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष रूप से शामिल होने और मशाल प्रज्वलित करने का निमंत्रण दिया है।
इस विशेष आमंत्रण के पीछे एक खास वजह भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार का अदम्य साहस है। कुछ समय पहले दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान एक गंभीर सुरक्षा संकट उत्पन्न हो गया था। ऐसे मुश्किल समय में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाई थी।
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस वीरता की सराहना करते हुए पहले कैप्टन स्मित मच्छार से बात की थी और उन्हें इजराइल आने का न्योता दिया था। अब प्रधानमंत्री मोदी के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में उन्होंने औपचारिक रूप से पीएम मोदी और कैप्टन स्मित दोनों को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर संयुक्त रूप से मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है।
इजराइल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यरुशलम के माउंट हर्जल पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाता है। इस राष्ट्रीय उत्सव में देश और दुनिया के चुनिंदा विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा 12 मशालें जलाने की परंपरा है, जो इजराइल की प्राचीन जनजातियों और राष्ट्र के लिए विशेष योगदान देने वालों का प्रतीक है। इस प्रतिष्ठित समारोह में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को यह सम्मान मिलना दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते रिश्तों को दर्शाता है।
फोन पर हुई इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी खुलकर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशेष निमंत्रण के लिए नेतन्याहू का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और इजराइल आतंकवाद के खिलाफ जमीन और हवा, दोनों मोर्चों पर पूरी दृढ़ता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मुकाबला कर रहे हैं।
बातचीत में पश्चिम एशिया के वर्तमान हालात और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। पीएम मोदी ने भारत और इजराइल के बीच दशकों पुराने मजबूत, भरोसेमंद और रणनीतिक रिश्तों की भी सराहना की।
विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू का यह कदम भारत और इजराइल की गहरी दोस्ती को एक नए वैश्विक स्तर पर स्थापित करता है। आतंकवाद के खिलाफ साझी लड़ाई और मानवीय स्तर पर दिखाई गई बहादुरी का यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

