पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और मिसाइल हमलों के खतरों के बीच भारतीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय नौसेना की कड़ी निगरानी और सुरक्षा घेरे में कच्चा तेल लेकर आ रहा विशालकाय जहाज ‘जग लाडली’ सफलतापूर्वक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। 274.19 मीटर लंबा और 50.04 मीटर चौड़ा यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह पोर्ट से 80,800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर निकला था। ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी का यह टैंकर भारतीय तिरंगे के साथ युद्ध प्रभावित समुद्री क्षेत्रों को पार कर सुरक्षित स्वदेश लौटा है।
इस जहाज की यात्रा चुनौतियों से भरी रही, क्योंकि जिस समय यूएई के बंदरगाह पर तेल की लोडिंग की जा रही थी, उसी दौरान पोर्ट पर हमला हो गया। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए लोडिंग रोकनी पड़ी थी, लेकिन स्थिति संभलते ही भारतीय नौसेना के संरक्षण में जहाज ने अपनी यात्रा शुरू की। जग लाडकी के लिए राहत की बात यह रही कि इसे सबसे खतरनाक माने जाने वाले ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के भीतर से नहीं गुजरना पड़ा, क्योंकि फुजैराह पोर्ट ओमान की खाड़ी में स्थित है, जो इस संकरे मार्ग के बाहर पड़ता है।
पिछले तीन दिनों के भीतर भारत ने मिडिल ईस्ट के संवेदनशील इलाकों से अपने तीन महत्वपूर्ण जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है। इससे पहले 16 मार्च को ‘शिवालिक’ और 17 मार्च को ‘नंदा देवी’ लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) लेकर भारत पहुंचे थे। ऊर्जा संकट के इस दौर में इन जहाजों का सुरक्षित आगमन भारत की घरेलू आपूर्ति को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, विशेषकर तब जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।
हालांकि, सफलता के इन आंकड़ों के बीच चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, अभी भी एलपीजी और कच्चे तेल से लदे करीब 22 भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के क्षेत्रों में फंसे हुए हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इन फंसे हुए जहाजों में से 6 शिप पर 3 लाख टन से ज्यादा एलपीजी लदी है, जबकि अन्य जहाजों में एलएनजी (LNG), क्रूड ऑयल और केमिकल टैंकर शामिल हैं। भारतीय नौसेना इन सभी जहाजों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि उन्हें भी सुरक्षित निकाला जा सके।

