रायपुर। राजधानी रायपुर के ग्राम सेमरिया स्थित संतोष अग्रवाल ग्रोथ अकैडमी और कोपलवाणी मुखबधिर दिव्यांग संस्थान में शनिवार को एक बेहद गरिमामय और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘सक्षम महिला आयाम’ छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा आयोजित इस वार्षिक “महिला सम्मान समारोह” ने न केवल नारी शक्ति को गौरवान्वित किया, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण भी पेश किया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर आयोजन की शोभा बढ़ाई।
समारोह का मुख्य आकर्षण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से पहचान बनाने वाली 101 प्रतिभाशाली महिलाओं का सम्मान रहा। इन महिलाओं को उनके संघर्ष, समर्पण और सामाजिक योगदान के लिए मंच पर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने यह संदेश दिया कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो पूरा समाज प्रगति की ओर अग्रसर होता है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इन शक्ति-पुंजों का उत्साहवर्धन किया।
सम्मान समारोह की एक और खास बात वह उपहार था, जो सम्मानित महिलाओं को भेंट किया गया। कोपलवाणी संस्थान के दिव्यांग छात्रों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई बस्तर की पारंपरिक चित्रकला स्मृति चिह्न के रूप में दी गई। दिव्यांग बच्चों की इस कलात्मक प्रस्तुति और उनकी मेहनत ने सभी अतिथियों का मन मोह लिया। यह भेंट न केवल बच्चों के हुनर का प्रमाण थी, बल्कि समारोह में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक ऊर्जा का संचार भी कर गई।

कार्यक्रम के दौरान वैचारिक विमर्श पर भी विशेष जोर दिया गया। सक्षम प्रांत संगठन मंत्री रामजी राजवाड़े ने “पंच परिवर्तन” विषय पर अपना सारगर्भित उद्बोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली को समझाते हुए बताया कि कैसे जमीनी स्तर पर कार्य करके सामाजिक कुरीतियों को दूर किया जा सकता है और एक आदर्श समाज की स्थापना की जा सकती है।
इसी कड़ी में, स्वास्थ्य और परिवारिक जागरूकता को लेकर डॉ. नम्रता सिरमौर ने “जागरूक परिवार, स्वस्थ शिशु” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एक स्वस्थ समाज की नींव जागरूक महिलाओं और स्वस्थ बच्चों पर टिकी होती है। उनके व्याख्यान में बच्चों के समग्र विकास और माताओं की भूमिका पर दी गई जानकारी को उपस्थित लोगों ने काफी सराहा। यह सत्र विशेष रूप से महिलाओं के लिए स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का एक प्रभावी संदेश दे गया।
मुख्य अतिथि कौशल्या साय ने अपने संबोधन में ‘सक्षम’ संस्था के सेवा कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के प्रति समाज की जिम्मेदारी केवल सहानुभूति तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें मुख्यधारा में शामिल करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण ही समाज के विकास का वास्तविक आधार है, क्योंकि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना दिव्यांगजनों का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।
समारोह में विशिष्ट अतिथि शताब्दी पांडेय, प्रांताध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र शुक्ला, और आनंद सिंघानिया सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे महासमुंद, सारंगढ़, रायगढ़, कोरबा और अंबिकापुर से आए पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को राज्यव्यापी स्वरूप प्रदान किया। संगठन के सचिव अनूप पांडे, कोषाध्यक्ष जैनेन्द्र जैन और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंत में, सक्षम परिवार की ओर से सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस सफल आयोजन ने न केवल महिलाओं को सम्मानित किया, बल्कि समाज को सेवा, समावेशिता और संवेदनशीलता का एक सशक्त संदेश भी दिया। यह समारोह इस विश्वास के साथ संपन्न हुआ कि आने वाले समय में समाज के सभी वर्ग मिलकर एक समावेशी और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

