असम विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों के बाद राज्य में एक बार फिर भाजपा नीत एनडीए (NDA) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपना औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया। यह इस्तीफा नई सरकार के गठन की संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि हिमंत बिस्वा सरमा आगामी 12 मई को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। 9 अप्रैल को हुए एक चरण के मतदान के बाद 4 मई को आए नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि असम की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों और हिमंत बिस्वा सरमा के स्थानीय नेतृत्व पर तीसरी बार भरोसा जताया है। इस प्रचंड बहुमत ने न केवल पार्टी के भीतर उनके कद को बढ़ाया है, बल्कि राज्य में भाजपा की पकड़ को और भी अभेद्य बना दिया है।
शपथ ग्रहण समारोह की तारीख को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि शीर्ष नेतृत्व ने 12 मई की तिथि पर लगभग अपनी सहमति दे दी है। गुवाहाटी में इस बड़े आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस प्रशासन आयोजन स्थल की सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर लगातार बैठकें कर रहे हैं, ताकि समारोह को भव्य और सुचारू बनाया जा सके।
सरकार गठन की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए आगामी 10 मई को सुबह 10 बजे गुवाहाटी में एनडीए विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में गठबंधन के सभी नवनिर्वाचित विधायक औपचारिक रूप से अपना नेता चुनेंगे। हालांकि यह केवल एक औपचारिकता मानी जा रही है, क्योंकि हिमंत बिस्वा सरमा का दोबारा मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है। पार्टी ने सभी विजयी उम्मीदवारों को 9 मई तक हर हाल में गुवाहाटी पहुंचने का कड़ा निर्देश जारी किया है।
पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की इस बड़ी जीत ने राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। विशेष रूप से असम में भाजपा की यह लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी है, जो राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर है। पार्टी संगठन के स्तर पर भी उत्साह का माहौल है और दिल्ली से लेकर गुवाहाटी तक केंद्रीय नेताओं का जमावड़ा शुरू होने की उम्मीद है। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र सरकार के कई दिग्गज मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।
हिमंत बिस्वा सरमा को वर्तमान में असम की राजनीति का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। उनके पिछले कार्यकाल के दौरान राज्य में उग्रवाद की समाप्ति, बुनियादी ढांचे का विकास और प्रशासनिक सुधारों ने उन्हें जनता के बीच काफी लोकप्रिय बनाया है। यही कारण है कि चुनावी कैंपेन के दौरान भी वे पार्टी के मुख्य आकर्षण रहे। अब दूसरी बार उनकी ताजपोशी को लेकर न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं में बल्कि असम की आम जनता में भी भारी उत्सुकता देखी जा रही है।
आगामी कुछ दिन असम की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। विधायक दल की बैठक के बाद राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपा जाएगा, जिसके बाद आधिकारिक रूप से शपथ ग्रहण का निमंत्रण जारी होगा। इसके साथ ही नए मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जिसमें कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है और पुराने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की संभावना है।
कुल मिलाकर, असम में ‘डबल इंजन’ की सरकार अपनी नई पारी की शुरुआत के लिए तैयार है। 12 मई का दिन राज्य के लिए नई उम्मीदों और विकास की नई इबारत लिखने वाला साबित हो सकता है। फिलहाल सबकी निगाहें 10 मई की विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं, जहां से नई सरकार का आधिकारिक खाका सामने आएगा।

