छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के ताजा आंकड़े सार्वजनिक किए हैं, जिसके अनुसार 5 से 29 अगस्त के बीच जिले में कुल 13 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं।
इन नए मामलों के सामने आने के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में इन सभी संक्रमित मरीजों की शारीरिक स्थिति सामान्य बताई जा रही है और विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में उनका उचित उपचार किया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर संभावित खतरों को भांपते हुए जिला प्रशासन पहले ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला सर्विलेंस अधिकारी सीबी बंजारे ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में जैसे ही कोई नया पॉजिटिव प्रकरण मिल रहा है, स्वास्थ्य विभाग तुरंत सक्रिय होकर उसकी ट्रैवल हिस्ट्री और कांटेक्ट ट्रेसिंग में जुट जाता है।
संक्रमित मरीजों के इलाज और रिकवरी के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 13 पॉजिटिव मरीजों में से 4 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। वर्तमान में कुल 9 एक्टिव केस बचे हैं, जिनका इलाज अलग-अलग माध्यमों से चल रहा है।
इन एक्टिव मामलों में से 2 संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में रखकर उनका उपचार किया जा रहा है। वहीं, शेष 7 गंभीर या निगरानी में रखने योग्य मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं और विशेषज्ञों की देखरेख में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह संक्रमण कुछ विशेष वर्गों के लिए अधिक घातक साबित हो सकता है। जिला सर्विलेंस अधिकारी ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को H1N1 वायरस का संक्रमण होने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में काफी अधिक रहता है।
इसे ध्यान में रखते हुए जिले के तमाम निजी और सरकारी अस्पतालों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। अस्पतालों से कहा गया है कि यदि उनके यहां H1N1 का कोई भी पॉजिटिव मरीज आता है, तो वे तत्काल इसकी सूचना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दें ताकि समय रहते संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
आम जनता के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक जरूरी एडवाइजरी भी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और यदि मजबूरी में जाना पड़े तो मास्क का उपयोग जरूर करें। इसके अलावा, हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोना तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
यदि किसी भी नागरिक को बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो उन्हें इस मामले में बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। ऐसे लक्षणों के दिखते ही तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क कर अपनी जांच करवानी चाहिए।

