जशपुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ में सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘सुशासन तिहार’ के अवसर पर कड़ा रुख अपनाया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में अचानक पहुँचकर सबको चौंका दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर गाँव की शांत वादियों में उतरा, पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने जनप्रिय नेता का स्वागत करने के लिए उमड़ पड़े।
मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से औचक था, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेना और ग्रामीणों की समस्याओं को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे सुनना था। चंदागढ़ पहुँचते ही ग्रामीणों ने पारंपरिक अंदाज में मुख्यमंत्री का आत्मीय और उल्लासपूर्ण स्वागत किया। वनांचल क्षेत्र के निवासियों के लिए यह एक भावुक क्षण था कि प्रदेश के मुखिया स्वयं चलकर उनके गाँव की चौपाल तक पहुँचे हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ प्रशासनिक अमले के दो महत्वपूर्ण अधिकारी, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और विशेष सचिव श्री रजत बंसल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुशासन का अर्थ केवल फाइलों का निपटारा नहीं, बल्कि जनता को मिलने वाली सुविधाओं में पारदर्शिता और गतिशीलता है। उन्होंने गाँव के राशन दुकान, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाओं के संचालन के बारे में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि ‘सुशासन तिहार’ का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा जब अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ पूरी ईमानदारी से मिले। उन्होंने चंदागढ़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार वनांचल क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अचानक हुए इस निरीक्षण से स्थानीय प्रशासन में भी हड़कंप की स्थिति रही। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण करें और यह सुनिश्चित करें कि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज, जिसमें वे ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनते नजर आए, चर्चा का विषय बना हुआ है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह औचक दौरा राज्य में प्रशासनिक सक्रियता और ‘गुड गवर्नेंस’ के प्रति उनकी गंभीरता को रेखांकित करता है। चंदागढ़ से शुरू हुआ यह औचक निरीक्षण का सिलसिला आने वाले दिनों में राज्य के अन्य सुदूर इलाकों में भी देखने को मिल सकता है, जिससे सरकारी मशीनरी में जवाबदेही और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

