छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से धमतरी जिले के ग्राम देवपुर निवासी 29 वर्षीय शशिकांत भरत को बेहतर इलाज की नई उम्मीद मिल गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से शशिकांत की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत इसका संज्ञान लिया। उन्होंने स्वयं दूरभाष पर शशिकांत से बात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर कार्रवाई की। प्रशासनिक टीम ने त्वरित कदम उठाते हुए शशिकांत को 9 सितंबर की शाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर में भर्ती कराया। वर्तमान में एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज पूरी तन्मयता से जारी है।
शशिकांत के इस संघर्ष की पृष्ठभूमि वर्ष 2016 के एक सड़क हादसे से जुड़ी है। इस भीषण दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके परिणामस्वूप वे करीब 50 दिनों तक कोमा में रहे थे। दुर्घटना के कारण उनके शरीर में सर्वाइकल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे उनके हाथ-पांव की कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित हो गई।
परिस्थितियों से जूझते हुए परिवार ने लंबे समय तक विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज कराया, लेकिन उनकी सेहत में कोई खास सुधार नहीं हो सका। आर्थिक तंगी और लगातार बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के कारण परिवार की उम्मीदें टूटने लगी थीं, ऐसे वक्त में शासन की यह सहायता उनके लिए वरदान साबित हुई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शशिकांत के उपचार के लिए अपनी ओर से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि भी स्वीकृत की है। इस वित्तीय मदद से परिवार को महंगे इलाज के खर्च से बड़ी राहत मिली है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के बेहतर चिकित्सा का लाभ ले पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री से सीधे फोन पर बात होने और त्वरित चिकित्सकीय सहायता मिलने के बाद शशिकांत और उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। शशिकांत का कहना है कि प्रदेश के मुखिया द्वारा खुद फोन कर उनका हाल-चाल पूछना और एम्स जैसे संस्थान में इलाज के साथ आर्थिक संबल देना उनके परिवार के लिए सबसे बड़ा संबल है।

