मंत्री श्री अग्रवाल ने इस दौरान कहा कि राज्य अलंकरण सम्मान केवल पुरस्कार भर नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की उन विशिष्ट प्रतिभाओं और संस्थाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक जरिया है, जिन्होंने अपने कार्यों से राज्य और समाज के विकास में अतुलनीय योगदान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं और साहित्यिक परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
घोषित की गई सूची के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले दिग्गजों को इन पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। आदिवासी सामाजिक चेतना एवं उत्थान के क्षेत्र में शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान धमतरी के श्री डुमन लाल ध्रुव को मिलेगा, जबकि अहिंसा एवं गौरक्षा के लिए यति यतनलाल सम्मान दुर्ग के विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम को प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, मिनीमाता सम्मान सुश्री लता नेताम (गरियाबंद) और गुरु घासीदास सामाजिक चेतना सम्मान श्री सुखचंद भास्कर (कबीरधाम) को दिया जाएगा।
साहित्य, लोककला और संस्कृति के क्षेत्र में भी कई नामचीन हस्तियों को चुना गया है। समकालीन रंगकर्म और नाटक के लिए हबीब तनवीर सम्मान डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर को, हिन्दी साहित्य के लिए पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान डॉ. बिहारीलाल साहू को और शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के लिए चक्रधर सम्मान डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को प्रदान किया जाएगा। लोक नाट्य के लिए श्रीमती रेखा जलक्षत्री तथा छत्तीसगढ़ी लोकगीत के लिए श्रीमती साधना यादव को लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
पत्रकारिता और रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को भी राज्य स्तर पर सराहा गया है। हिन्दी प्रिंट मीडिया के लिए चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार श्री प्रमोद कुमार साहू को तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए श्री वरुण सखाजी एवं सुश्री रसिका पाण्डेय को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। इसके साथ ही, अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के लिए श्री शिशिर राय चौधरी और राष्ट्रीय रचनात्मकता के लिए श्री अनंत विजय को पंडित माधवराव सप्रे सम्मान प्रदान किया जाएगा।
खेल, कृषि और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भीरी उपलब्धियों को विशेष पहचान मिली है। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सुश्री संजू देवी को गुण्डाधूर सम्मान तथा श्री टोमन कुमार को महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान दिया जाएगा। कृषि के क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार श्री पुन्नी दास भट्ट को, जबकि आयुर्वेद चिकित्सा एवं शोध के लिए धन्वन्तरि सम्मान डॉ. दिनेश कुमार नाग को प्रदान किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता के अंत में संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन और संचालक डॉ. संजय कन्नौजे की उपस्थिति में मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी चयनित विभूतियों और संस्थाओं को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पुरस्कारों से सम्मानित होने वाली हस्तियों की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने और छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

