छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे राज्य के बड़े हिस्से में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज अंधड़ चल सकती है। सूरजपुर, कोरिया, पेंड्रा और बिलासपुर सहित करीब 9 जिलों में स्थिति अधिक गंभीर रहने की संभावना है, जहां प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम का मिजाज अधिक बिगड़ा हुआ है। ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों जैसे मुंगेली, कोरबा और राजनांदगांव में मध्यम से भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। विभाग का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में हवा की गति काफी तेज हो सकती है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं रायपुर, दुर्ग और धमतरी जैसे जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि यहां हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के साथ मौसम में ठंडक घुलेगी।
इस अचानक आए बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें और विशेष रूप से बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों या ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लें। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करने और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है ताकि वज्रपात (Lightning) जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
किसानों के लिए यह समय विशेष चिंता का है। कृषि विभाग ने हिदायत दी है कि कटी हुई फसल या खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। साथ ही, मवेशियों को सुरक्षित और पक्के छप्पर के नीचे बांधने की सलाह दी गई है। अचानक तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए बागवानी फसलों को लेकर भी सतर्कता बरतने को कहा गया है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना अनिवार्य हो गया है।

