छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने पेंशनरों और परिवार पेंशनरों के महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी इस निर्देश के अनुसार, अब राज्य के पेंशनरों को भी सेवारत कर्मचारियों के समान ही 58 प्रतिशत महंगाई राहत का लाभ मिलेगा। यह निर्णय उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात है जो लंबे समय से इस वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे थे।
आदेश के तकनीकी पहलुओं की बात करें तो सातवें वेतनमान प्राप्त कर रहे पेंशनरों की महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे यह 55 प्रतिशत से बढ़कर अब 58 प्रतिशत हो गई है। वहीं, छठवें वेतनमान के अंतर्गत आने वाले पेंशनभोगियों के लिए 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद उनका डीआर 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हो गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, जिसका अर्थ है कि पेंशनरों को पिछले महीनों का एरियर भी भुगतान किया जाएगा।
दिलचस्प बात यह है कि जहाँ एक ओर केंद्र सरकार ने इस साल जनवरी से लागू होने वाली डीए (DA) बढ़ोतरी की घोषणा में देरी की है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संसाधनों से पेंशनरों को यह लाभ देने का निर्णय लिया है। इससे पहले 11 जनवरी को राज्य के कर्मचारियों का डीए बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया था, लेकिन उस समय पेंशनरों के लिए अलग से आदेश जारी नहीं हुआ था। अब वित्त विभाग की इस मुहर के बाद राज्य के पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उन्हें बढ़ती महंगाई से निपटने में मदद मिलेगी।
यह कदम राज्य सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों को दर्शाता है, जिसमें कर्मचारियों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ उन गिने-चुने राज्यों में शामिल है जिन्होंने केंद्र के समकक्ष महंगाई भत्ते और राहत की दर को बनाए रखा है। इस आदेश के लागू होने से प्रदेश के खजाने पर अतिरिक्त भार तो आएगा, लेकिन इससे हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ पहुँचेगा।


