चक्रवात ‘अर्णब’ (Cyclone Arnab) ने आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, यह भयंकर तूफान सुबह के वक्त आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी (विशेषकर यानाम के पास) के तटों से टकराया। लैंडफॉल के दौरान इस चक्रवात की तीव्रता ‘बहुत गंभीर चक्रवात’ की श्रेणी में थी, जो तट से टकराने के बाद कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। इस प्राकृतिक आपदा के चलते तटीय क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
तूफान के प्रभाव से तटीय जिलों में 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे (और कुछ स्थानों पर 150 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलीं। इन तेज हवाओं के कारण आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, काकीनाडा, मछलीपट्टनम और पुडुचेरी के कई इलाकों में बिजली के सैकड़ों खंभे धराशायी हो गए और विशाल पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े। बिजली आपूर्ति ठप होने से प्रभावित क्षेत्रों में अंधेरा छा गया है और स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भारी बारिश के कारण कृषि और बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आंध्र प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में धान की पकी हुई फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। इसके अलावा, तटीय और निचले इलाकों में भारी जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
परिवहन और यातायात व्यवस्था पर भी चक्रवात का गहरा असर पड़ा है। खराब मौसम और विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी जैसे प्रमुख हवाई अड्डों से संचालित होने वाली दर्जनों घरेलू उड़ानें रद्द या विलंबित कर दी गई हैं। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उड़ानों का संचालन स्थगित कर दिया है।
ट्रेन यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलवे सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशाखापत्तनम-सिकंदराबाद वंदे भारत एक्सप्रेस, रत्नचल एक्सप्रेस समेत 50 से अधिक मेल, एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। रेलवे स्टेशनों पर फंसे यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए हैं और रेलवे अधिकारियों ने लोगों को यात्रा करने से पहले ट्रेनों की स्थिति जांचने की अपील की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और पड़ोसी राज्य ओडिशा की सरकारें पूरी तरह मुस्तैद हैं। आपदा प्रबंधन टीमों और एनडीआरएफ (NDRF) के जवानों को संवेदनशील और निचले इलाकों में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर हजारों तटीय निवासियों को सुरक्षित निकालकर सरकारी राहत शिविरों में पहुंचा दिया है, जहां उनके लिए भोजन और चिकित्सीय सहायता की व्यवस्था की गई है।
ओडिशा के दक्षिणी जिलों जैसे मलकानगिरी, कोरापुट और गंजम में भी भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। सरकार और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है तथा युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।

