दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन और महारैली को लेकर राष्ट्रीय राजधानी की राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। इस बड़े आयोजन के मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास के बाहर सुबह से ही शीर्ष विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी हलचल देखने को मिली। गठबंधन ने मुख्य रूप से मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) और कथित वोट चोरी के गंभीर मामलों को लेकर मोर्चा खोला है, जिसमें चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों का मुख्य आरोप है कि निर्वाचन आयोग संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर सत्ताधारी दल के पक्ष में काम कर रहा है और चुनिंदा तरीके से मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
रैली से ठीक पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर INDIA ब्लॉक के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में एक विशेष और सांकेतिक ‘जन महाभियोग’ (Public Impeachment) सत्र आयोजित किया गया। देश की पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में चले इस अनूठे सत्र के दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य दिग्गज नेताओं ने इस दौरान कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि उनके पास निर्वाचन प्रक्रिया में बरती गई अनियमितताओं के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, और यदि इस मनमाने रवैये पर रोक नहीं लगाई गई, तो विपक्ष इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन को और अधिक तीव्र करेगा।
इस महामारैली और विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मध्य दिल्ली, आईटीओ, और रामलीला मैदान के आसपास सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े प्रबंध किए हैं। पूरे इलाके को लगभग छावनी में तब्दील कर दिया गया है, जहां हजारों की संख्या में सुरक्षाबल, अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात हैं। इसके अलावा, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात भी प्रभावित हुआ है, जिसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर रूट डायवर्जन लागू कर दिया है।
दूसरी ओर, त्योहारी सीजन के ऐन वक्त पर हो रहे इस बड़े राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर व्यापारियों और स्थानीय संगठनों में भी चिंता का माहौल देखा गया। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) समेत कई व्यापारिक निकायों ने राजधानी में जाम की स्थिति और त्योहारी कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए विपक्षी नेताओं ने व्यापारियों के हितों का ख्याल रखने की बात कही है। राहुल गांधी और अन्य गठबंधन नेताओं ने अपील की है कि रैली में शामिल होने वाले लोग स्थानीय बाजारों के दुकानदारों से त्योहारी खरीदारी भी करें, ताकि इस राजनीतिक हलचल के बीच मध्यम वर्गीय व्यापारियों और कारोबारियों को किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। इस पूरे घटनाक्रम के जरिए INDIA गठबंधन ने चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर मजबूती से उठा दिया है, जिसके आने वाले दिनों में दूरगामी राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

