चंडीगढ़ में सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों और नोटों को बेचने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक स्थानीय निवासी ने फेसबुक पर पुराने सिक्कों की खरीद-फरोक्त से जुड़ा एक लुभावना विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में पुराने और दुर्लभ सिक्कों के बदले लाखों रुपये मिलने का दावा किया गया था, जिसके झांसे में आकर पीड़ित ठगों के जाल में फंस गया।
विज्ञापन में दिए गए संपर्क विवरण पर बातचीत करने के बाद ठगों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए खुद को एक प्रतिष्ठित प्राचीन वस्तु (एंटीक) खरीदार कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने पीड़ित को यह यकीन दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि उसके पास मौजूद पुराने सिक्कों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अधिक मांग है और उसे रातोंरात अमीर बनाया जा सकता है।
शुरुआत में ठगों ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और सिक्कों के पंजीकरण के नाम पर छोटी रकम की मांग की। इसके बाद, अलग-अलग बहानों जैसे कि आरबीआई टैक्स, कूरियर चार्ज, बीमा और लीगल फीस के नाम पर पीड़ित से बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए जाते रहे। पीड़ित इस उम्मीद में पैसे भेजता रहा कि उसे जल्द ही करोड़ों रुपये का रिटर्न मिलने वाला है।
धीरे-धीरे करते हुए ठगों ने पीड़ित से कुल 8.07 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब पीड़ित ने अपने सिक्कों की बिक्री का अंतिम भुगतान या मुनाफे की रकम मांगनी चाही, तो ठगों ने उससे और पैसों की मांग शुरू कर दी और बाद में अपने फोन बंद कर लिए। तब जाकर पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ एक बड़ा साइबर फ्रॉड हो चुका है।
इस घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम सेल में इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच कर रही है जिनका इस्तेमाल इस ठगी को अंजाम देने के लिए किया गया था।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के स्कैम आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बहुत तेजी से फैल रहे हैं। ठग अक्सर पुराने सिक्के, प्राचीन वस्तुएं या लॉटरी जीतने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे विज्ञापनों से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए क्योंकि कोई भी आधिकारिक या कानूनी संस्था सोशल मीडिया के जरिए इस तरह का व्यापार नहीं करती है।
प्रशासन और साइबर सेल ने आम जनता से अपील की है कि वे कभी भी अनजान विज्ञापनों के चक्कर में आकर अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर न करें। यदि कभी इस प्रकार की धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते पैसों को रोका जा सके।

