छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों और तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की चेतावनी जारी की है। विशेष तौर पर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में अगले दो दिनों के दौरान भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जिससे प्रशासन और आम जनजीवन दोनों पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।
राजधानी रायपुर में आज आसमान सामान्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा। शहर में बीच-बीच में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर का अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को पखांजूर में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सोनहत और मालखरौदा में 4-4 सेंटीमीटर, तथा बिहारपुर और सूरजपुर में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई है।
प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी पानी गिरने का सिलसिला जारी रहा। रघुनाथनगर, चांदो, बास्तानार, प्रेमनगर, बलरामपुर, बकावंड और दौरा कोचली जैसे इलाकों में 2-2 सेंटीमीटर बारिश आंकी गई। वहीं राजधानी रायपुर में भी 1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिससे मौसम में काफी ठंडक महसूस की जा रही है।
तापमान के मोर्चे पर बात करें तो छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिला सबसे गर्म और सबसे ठंडा दोनों रूप में सामने आया। दुर्ग में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि विडंबना यह रही कि इसी जिले में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस भी रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने आज सुबह ही दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी कर दिया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी और गरियाबंद जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और भारी वर्षा होने की आशंका जताई गई है।
प्रशासन ने खराब मौसम और वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए इन जिलों के नागरिकों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। किसानों और आम जनता से सतर्क रहने की अपील की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

