नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (SCS) के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति देने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। यूपीएससी के चेयरमैन डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से मुख्य सचिव विकास शील और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के प्रभारी सचिव मुकेश बंसल विशेष रूप से शामिल हो रहे हैं। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य प्रशासनिक सेवा के योग्य और पात्र अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में अवार्ड करने के लिए नामों पर मुहर लगाना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष छत्तीसगढ़ को राज्य कोटे से आईएएस अवार्ड के लिए कुल 5 पद खाली मिले हैं। हालांकि, प्रशासनिक और सेवा संबंधी कुछ अन्य मामलों के चलते दो अधिकारियों के नामों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण इस बार केवल 3 अधिकारियों के ही आईएएस बनने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होने से राज्य के प्रशासनिक तंत्र में खाली पड़े महत्वपूर्ण पदों को भरने में मदद मिलेगी और शासन की कार्यप्रणाली को और गति मिलेगी।
संभावित नामों की सूची में 2014 बैच के कई वरिष्ठ और तेज-तर्रार अधिकारियों के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। चर्चा के केंद्र में मुख्य रूप से अभिषेक अग्रवाल, सचिन भूतड़ा और राजीव पांडे के नाम शामिल हैं, जिन्हें इस पदोन्नति प्रक्रिया का सबसे प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, कार्यकुशलता और गोपनीय प्रतिवेदनों पर डीपीसी की बैठक में विस्तार से मंथन किया जा रहा है ताकि अंतिम चयन सूची पारदर्शी और नियमानुसार तैयार हो सके।
यह चयन प्रक्रिया पिछले वर्ष यानी 2025 में हुई पदोन्नति के सिलसिले की अगली कड़ी है। पिछले साल 2013 बैच के कुल 29 पात्र अधिकारियों में से केवल तीन अधिकारियों को ही आईएएस अवार्ड मिल पाया था, जिसमें सुमित अग्रवाल, संदीप अग्रवाल और आशीष टिकरिया के नाम शामिल थे। इस बार भी नियमों और रिक्तियों के समीकरण को देखते हुए लगभग उतनी ही संख्या में अधिकारियों के नाम फाइनल होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
दिल्ली में चल रही इस DPC की बैठक के बाद छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है और सभी की निगाहें यूपीएससी के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं। बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद चयनित अधिकारियों के नामों की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है। इस पदोन्नति से न केवल उन अधिकारियों को लाभ मिलेगा जो वर्षों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, बल्कि राज्य प्रशासनिक महकमे में नए पदों पर फेरबदल की भी पूरी संभावना है।

