केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोवा के दौरे के दौरान एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए घोषणा की है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को पूरी तरह से ड्रग्स मुक्त बनाने का एक ठोस रोडमैप तैयार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए देश की युवा शक्ति को नशे की समस्या से सुरक्षित रखने के वास्ते पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों का यह अवैध कारोबार केवल एक सामाजिक अपराध नहीं है, बल्कि इससे उत्पन्न होने वाले काले धन का इस्तेमाल देश-विरोधी गतिविधियों और आतंकवाद को पोषित करने में किया जाता है। इसी खतरे को देखते हुए दुनिया के कई देशों में खतरनाक नार्को-टेरर मॉड्यूल पनपे हैं, जिसके कारण इस लड़ाई को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
नशे के इस पूरे तंत्र को नेस्तनाबूद करने के लिए सरकार ने जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक के तीन साल के विशेष ‘मिशन मोड’ रोडमैप की रूपरेखा रखी है। इस कार्ययोजना को मुख्य रूप से चार मजबूत स्तंभों पर आधारित किया गया है, जिसमें खुफिया आधारित प्रवर्तन, सिंथेटिक ड्रग्स पर कड़ा नियंत्रण, मांग व नुकसान में कमी, तथा एजेंसियों के बीच आपसी क्षमता निर्माण व समन्वय शामिल हैं।
शाह ने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल और वर्तमान दौर की तुलना करते हुए आंकड़े साझा किए कि किस प्रकार पिछले कुछ वर्षों में जब्ती अभियानों में भारी तेजी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल छोटे तस्करों या मात्रा को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘बॉटम-टू-टॉप’ और ‘टॉप-टू-BOTTOM’ अप्रोच अपनाते हुए तस्करी के पूरे नेटवर्क, हवाला चैनलों और वित्तीय संपत्तियों पर एक साथ प्रहार कर रही है।
राज्यों और केंद्र सरकार के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए वर्ष 2019 में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी फॉर काउंटरिंग ड्रग्स ट्रैफिकिंग (NCORD) का चार-स्तरीय तंत्र स्थापित किया गया था। इसके साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है ताकि अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों पर संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई की जा सके।
गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि जिस तरह देश से पांच दशक पुरानी नक्सल समस्या और उग्रवाद को लगभग समाप्त कर दिया गया है, ठीक उसी रणनीति और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मादक पदार्थों के इस जाल को भी पूरी तरह से मिटा दिया जाएगा। सरकार का यह साझा प्रयास आने वाली पीढ़ियों को बचाने और देश की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

