भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ऐतिहासिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। इस महासम्मेलन में कूटनीति और भू-राजनीति के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य सत्कार का एक बेहद अनूठा संगम देखने को मिल रहा है, जो वैश्विक मंच पर भारत की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है।
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और मेहमानों के स्वागत के लिए राजधानी के पांच सितारा होटलों को विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस बार के भव्य आयोजनों में आधुनिक गैस्ट्रोनॉमी की जगह पारंपरिक ‘मदर्स रेसिपी’ को विशेष प्राथमिकता दी गई है। देश के विभिन्न कोनों से दादी-नानी के उन पुराने नुस्खों को बाहर निकाला गया है, जो पीढ़ियों से भारतीय घरों की शान रहे हैं।
विदेशी मेहमानों को भारत के वास्तविक ग्रामीण और सांस्कृतिक परिवेश का अनुभव कराने के लिए विशेष डाइनिंग एरिया बनाए गए हैं। फाइव-स्टार होटलों की चमक-दमक के बीच मिट्टी के बर्तनों, पारंपरिक नक्काशी और लोक संगीत की मधुर धुनों के साथ भोजन परोसने की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन भारत की प्राचीन परंपरा ‘अतिथि देवो भव:’ के मूल मंत्र को पूरी तरह से जीवंत कर रहा है और कूटनीति में गर्माहट घोल रहा है।
इस खास ब्रिक्स मैन्यू में बाजरे, रागी और मक्के जैसे मिलेट्स को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके अलावा मौसमी सब्जियों, शुद्ध देशी घी, प्राचीन मसालों और हाथ से कुटे गए अनाजों से तैयार व्यंजन मेहमानों की थाली का मुख्य आकर्षण हैं। यह भारत के उस प्राचीन स्वास्थ्य विज्ञान को दुनिया के सामने रखता है, जो भोजन को ही एक औषधि के रूप में मान्यता देता है।
मास्टर शेफ्स ने देश भर के पारंपरिक रसोइयों और बुजुर्गों से संपर्क कर ऐसे व्यंजन तैयार किए हैं जो पाचन में बेहद हल्के और पोषण से भरपूर हैं। इन व्यंजनों में इस्तेमाल किए गए मसालों का संतुलन और आयुर्वेदिक गुण विदेशी मेहमानों को न केवल एक बेहतरीन स्वाद दे रहे हैं, बल्कि उन्हें भारतीय रसोई की वैज्ञानिकता और पौष्टिकता से भी गहराई से परिचित करा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विश्लेषकों के अनुसार, भारत इस सम्मेलन में ‘फूड डिप्लोमेसी’ का बेहतरीन इस्तेमाल कर रहा है। अपनी विशाल सांस्कृतिक विविधता और जायकों के अनूठे खजाने के जरिए भारत ग्लोबल साउथ और विकसित देशों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु बना रहा है। पारंपरिक खान-पान की सादगी विदेशी नेताओं के मन में भारत की एक बेहद सकारात्मक छवि उकेर रही है।
मेहमाननवाजी के साथ-साथ नई दिल्ली में सुरक्षा और सजावट के भी अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले परिसरों को पारंपरिक भारतीय कलाकृतियों, भव्य फूलों और हथकरघा उत्पादों से सजाया गया है। होटलों के खान-पान विभाग और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए एक विशेष टास्क फोर्स काम कर रही है, ताकि स्वच्छता और गुणवत्ता में कोई चूक न हो।
अंततः, कूटनीतिक वार्ताओं और वैश्विक तनावों के बीच भारतीय व्यंजनों की यह शाही मिठास इस ब्रिक्स महासम्मेलन को हमेशा के लिए यादगार बना रही है। अपनी आधुनिक प्रगति के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और पारंपरिक जड़ों से मजबूती से जुड़े रहने का भारत का यह संदेश पूरी दुनिया के मीडिया में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।

