छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मण्डपम् में शिक्षक दिवस के अवसर पर एक भव्य राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय योगदान देने वाले प्रदेशभर के शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान अतिथियों ने सभी शिक्षकों को उनकी निष्ठा, समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस वर्ष के राज्य स्तरीय समारोह में वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के कुल 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से नवाजा गया। इसके साथ ही, चार विशेष उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखा गया।
स्मृति पुरस्कार विजेताओं में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के श्री राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार दिया गया। वहीं, कोरबा जिले के श्री कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार, दुर्ग जिले की श्रीमती प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की श्रीमती प्रियंका गोस्वामी को श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि तेजी से बदलती इस दुनिया में शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका बेहद व्यापक हो गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों का नई तकनीकों से परिचित होना आवश्यक है, लेकिन तकनीक का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप उपयोग ही सबसे महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल ने यह भी रेखांकित किया कि गूगल और डिजिटल माध्यमों से विशाल सूचनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता स्वतंत्र चिंतन और बौद्धिक विकास को प्रभावित नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक केवल जानकारी दे सकती है, परंतु असली संस्कार, अनुशासन, प्रेरणा और जीवन की सही दिशा एक गुरु से ही प्राप्त होती है।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या नौकरी पाना नहीं, बल्कि व्यक्ति को ज्ञानवान, संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने बताया कि सरकार बस्तर और दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए पीएम श्री योजना, एजुकेशन सिटी और स्थानीय बोलियों में शिक्षण जैसी कई अभिनव पहल कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए आगामी वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों का ऐलान किया। उन्होंने सभी चयनित शिक्षकों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के स्तर को और अधिक सुदृढ़ बनाने की बात कही।

