छत्तीसगढ़ के कटघोरा वन मंडल के केंदई वन परिक्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे 130 पर एक लोनार (दंतैल) हाथी ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। मोरगा और चोटिया के बीच कपांनवापारा जंगल के पास शाम करीब पांच बजे हाथी अचानक मुख्य मार्ग पर आ डटा। हाथी के हाईवे पर आ जाने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर इस दंतैल हाथी ने वहां से गुजरने वाले वाहनों की ओर दौड़ लगाने का प्रयास किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद वाहन चालकों और राहगीरों में डर का माहौल बन गया, और लोग अपनी गाड़ियों को पीछे करके सुरक्षित स्थानों की तरफ भागते नजर आए। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की बड़ी जनहानि या दुर्घटना नहीं हुई।
यह लोनार हाथी मूल रूप से मरवाही वन परिक्षेत्र से विचरण करते हुए कटघोरा वन मंडल की सीमा में दाखिल हुआ है। जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में पहुंचने के बाद इस हाथी ने कई कच्चे घरों को तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आसपास के गांवों के रहवासियों में लगातार दहशत का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही केंदई वन परिक्षेत्र का मैदानी अमला और स्थानीय हाथी मित्र दल तुरंत हरकत में आए और मोर्चा संभाला। वन परिक्षेत्र अधिकारी, डिप्टी रेंजर और अन्य कर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।
लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत और सायरन तथा हूटर का प्रभावी इस्तेमाल करके वन विभाग की टीम ने हाथी को सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर खदेड़ दिया। हाथी के पूरी तरह जंगल में लौटने के बाद ही नेशनल हाईवे पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।
इस घटना के बाद वन विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी करते हुए एनएच 130 से गुजरने वाले सभी वाहन चालकों और आसपास के ग्रामीणों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने लोगों को विशेषकर रात के समय जंगल वाले रास्तों पर अत्यधिक सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से सड़क पर न रुकने की सलाह दी है।

