छत्तीसगढ़ में इन दिनों सक्रिय मानसून और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव के प्रभाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, विभिन्न मौसम प्रणालियों के कारण राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे पिछले 24 घंटों के दौरान सरगुजा और रायपुर संभाग में भारी वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस सिस्टम के असर से उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिली है, हालांकि आगामी 2 सितंबर से वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो यहाँ भी बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है। स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक आज शहर में आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा तथा गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
आज के मौसम के लिहाज से रायपुर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बादलों की आवाजाही और लगातार हो रही फुहारों से शहरवासियों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है और मौसम सुहाना हो गया है।
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया है। जिन जिलों में हल्की वर्षा या गरज-चमक की चेतावनी दी गई है, उनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर शामिल हैं।
इसके अलावा बलौदाबाज़ार, जांजगीर-चाम्पा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने इन इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदो में सबसे अधिक 29 सेमी, कोटाडोल में 17 सेमी और कुसमी में 13 सेमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा प्रतापपुर और शंकरगढ़ में 12-12 सेमी, सामरी में 9 सेमी तथा भखारा, धमतरी और रायपुर में 7-7 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
चालू मानसून सीजन के दौरान अब तक प्रदेशभर में औसत रूप से सामान्य से लगभग 2 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में वर्षा के आंकड़े में सुधार देखा जा रहा है और किसानों को भी राहत मिली है।

