छत्तीसगढ़ में सावन के अंतिम सोमवार को मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय रहीं और झमाझम बारिश का दौर देखने को मिला। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग तक बादलों ने जमकर पानी बरसाया। सुबह से शुरू हुई बारिश का यह दौर पूरे दिन रुक-रुक कर चलता रहा, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली।
राजधानी रायपुर में दिनभर हुई बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया और सड़कें तरबतर नजर आईं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले रायपुर शहर में 12 सेमी तक बारिश दर्ज की गई। दिनभर छाए बादलों और लगातार फुहारों के कारण मौसम सुहाना हो गया, हालांकि कामकाज के सिलसिले में बाहर निकलने वाले लोगों को आवाजाही में कुछ दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।
राजधानी के अलावा बस्तर संभाग के कई इलाकों में भी बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई। प्रदेश में सबसे अधिक बारिश छोटेडोंगर में 18 सेमी दर्ज की गई। इसके अलावा अंतागढ़ और बास्तानार में 16-16 सेमी पानी गिरा, जिसने छत्तीसगढ़ के दक्षिणी छोर को पूरी तरह तरबतर कर दिया।
इसके अतिरिक्त चलगली, माकड़ी, बड़े बचेली, दौरा कोचली और नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में भी भारी बारिश दर्ज की गई, जहां 13 सेमी तक वर्षा रिकॉर्ड हुई। इन इलाकों में लगातार बारिश के चलते स्थानीय नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है, जिससे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में मौसमी सब-डिवीजन के तहत अब तक की बारिश सामान्य के काफी करीब बनी हुई है। पूरे सीजन में अब तक सामान्य से मात्र 4 प्रतिशत की हल्की कमी दर्ज की गई है, जिसे कृषि और पर्यावरण की दृष्टि से संतोषजनक माना जा रहा है।
मौसम प्रणालियों की बात करें तो, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इसके साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैली द्रोणिका (Monsoon Trough) का असर उत्तरी छत्तीसगढ़ पर भी पड़ रहा है, जो बारिश का मुख्य कारण है।
सोमवार को पूरे प्रदेश में तापमान में भी विविधता देखने को मिली। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान अम्बिकापुर में 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान जगदलपुर में 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां हल्की ठंडक महसूस की गई।
राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह से ही कभी धूप तो कभी बादलों की लुकाछिपी का खेल चलता रहा। मौसम विभाग ने आज भी आसमान में बादल छाए रहने और शहर के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई है, जिसमें अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में बने इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले दो दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे मानसूनी गतिविधियों की तीव्रता में कमी आने के आसार जताए जा रहे हैं।

