छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बंगाल की खाड़ी से बने मजबूत मौसम तंत्र और झारखंड के पास सक्रिय निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार यह मौसमी सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है।
इस सक्रिय वेदर सिस्टम के चलते राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। रायपुर में आज आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
बुधवार सुबह मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए राज्य के 10 प्रमुख जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। सुबह से शुरू हुए इस तीन घंटे के अलर्ट के दायरे में जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही शामिल हैं। इसके अलावा सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में भी खराब मौसम की स्थिति बनी रह सकती है।
इन चेतावनी वाले जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज आकाशीय बिजली गिरने और झक्कड़ हवाएं चलने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें। किसानों और यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में भी गिरावट आई है। दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले के बड़े बचेली में 17 सेंटीमीटर दर्ज की गई, जिसने जनजीवन को प्रभावित किया है।
बड़े बचेली के बाद सूरजपुर जिले के ओडगी में 12 सेंटीमीटर और गरियाबंद के राजिम में 11 सेंटीमीटर पानी गिरा। इसके अलावा कुटरू, गोबरा नवापारा और मस्तूरी में 10-10 सेंटीमीटर तथा बीजापुर, भोपालपट्टनम और गंगालूर जैसे क्षेत्रों में 9-9 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।
तापमान के मोर्चे पर बात करें तो मंगलवार को दुर्ग जिला प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं दूसरी ओर, मैदानी और पहाड़ी इलाकों में पेंड्रारोड सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
फिलहाल पूरे छत्तीसगढ़ में समग्र मौसमी बारिश सामान्य के बेहद करीब बनी हुई है, जिसमें सामान्य आंकड़े से मात्र 2 प्रतिशत का मामूली अंतर है। इस ताज़ा मानसिनी गतिविधियों से जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है और किसानों को खरीफ फसलों के लिए आवश्यक नमी मिल रही है।

