पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद भड़की राजनीतिक हिंसा ने एक नया और खौफनाक मोड़ ले लिया है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद और करीबी निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में निर्मम हत्या कर दी गई है। बुधवार देर रात हुई इस वारदात ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
घटना के विवरण के अनुसार, बुधवार रात करीब 10:30 बजे चंद्रनाथ रथ अपनी स्कॉर्पियो कार से मध्यमग्राम इलाके से गुजर रहे थे। वह कार की अगली सीट पर बैठे थे, जबकि उनका ड्राइवर और सुरक्षा गार्ड भी उनके साथ मौजूद थे। चश्मदीदों के मुताबिक, एक संदिग्ध कार काफी देर से उनकी गाड़ी का पीछा कर रही थी। डोलतला के पास पहुँचते ही हमलावरों ने अपनी गाड़ी चंद्रनाथ की कार के आगे लगा दी, जिससे उनकी गाड़ी रुकने को मजबूर हो गई।
जैसे ही कार की रफ्तार कम हुई, बाइक सवार हमलावर अचानक सामने आए और कार की खिड़की के पास पहुँचकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। शांत इलाके में गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 10 राउंड गोलियाँ चलाईं। चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में उनके सिर, पेट और सीने में कई गोलियाँ लगीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि उनके सुरक्षाकर्मी और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए।
जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं बल्कि एक बहुत ही गहरी और सुनियोजित साजिश थी। हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए ऑस्ट्रेलियन ग्लॉक पिस्टल जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि हथियार की पुख्ता जानकारी फॉरेंसिक जांच के बाद ही मिल पाएगी। घटनास्थल से पुलिस को कई खाली कारतूस और जिंदा गोलियां भी बरामद हुई हैं।
अपराधियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए शातिराना तरीका अपनाया था। हमले में इस्तेमाल की गई कार और बाइक दोनों की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई हैं। इतना ही नहीं, जांचकर्ताओं ने पाया कि दोनों वाहनों के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी ताकि उन्हें ट्रेस न किया जा सके। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये वाहन सिलीगुड़ी में रजिस्टर्ड थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि हत्यारे काफी दूर से चंद्रनाथ का पीछा कर रहे थे।
चंद्रनाथ रथ केवल एक पीए नहीं थे, बल्कि वे सुवेंदु अधिकारी के ‘थिंक-टैंक’ का हिस्सा माने जाते थे। भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी रहे चंद्रनाथ पिछले कई सालों से अधिकारी के साथ थे। उन्होंने भवानीपुर के हाई-प्रोफाइल चुनाव और अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक अभियानों में पर्दे के पीछे से मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभाई थी। उनकी हत्या को सुवेंदु अधिकारी के लिए एक बड़े व्यक्तिगत और राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
बीजेपी की वरिष्ठ नेता किया घोष और अन्य नेताओं ने दावा किया है कि यह हत्या पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ की सक्रियता और सुवेंदु अधिकारी के प्रति उनकी वफादारी की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। भाजपा ने इस मामले में राज्य सरकार को घेरते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
वर्तमान में, पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया है। विपक्षी दलों ने इस हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि इस बड़ी साजिश के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

