छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के जशपुर प्रवास के दौरान आज मानवता और जनसेवा का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। ‘सुशासन तिहार’ के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पत्थलगांव विकासखंड के दूरस्थ ग्राम भैंसामुड़ा पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने न केवल विकास कार्यों का जायजा लिया, बल्कि एक सामान्य नागरिक की तरह ग्रामीणों के बीच घुल-मिल गए, जिससे पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
गांव के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री की नजर अचानक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे एक निर्माणाधीन मकान पर पड़ी। संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल अपना काफिला रुकवाया और सीधे हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा के घर पहुँच गए। मुख्यमंत्री को अचानक अपने आंगन में पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। श्री साय ने वहां पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सबसे भावुक कर देने वाला क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने औपचारिकताओं को किनारे रखकर स्वयं निर्माण कार्य में हाथ बंटाने का निर्णय लिया। उन्होंने राजमिस्त्री के पास जाकर स्वयं करणी उठाई और सीमेंट-गारा की मदद से ईंटें जोड़नी शुरू कर दीं। मुख्यमंत्री को एक श्रमिक की भांति पसीना बहाते और श्रमदान करते देख वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाने वाला एक सशक्त संदेश बन गया।
श्रमदान के पश्चात मुख्यमंत्री ने वहां कार्यरत श्रमिकों और राजमिस्त्री श्री मोहन चक्रेश से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने राजमिस्त्री से उनकी दैनिक मजदूरी, काम के घंटों और परिवार की स्थिति के बारे में विस्तार से पूछा। श्री साय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के निर्माण में श्रमिकों का योगदान सर्वोपरि है। उन्होंने राजमिस्त्री को शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र श्रमिक योजनाओं से वंचित न रहे।
हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा ने गदगद भाव से मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि प्रदेश के मुखिया उनके घर की दीवारें अपने हाथों से चिनेंगे। अनुसुइया ने बताया कि बरसों से पक्के घर का सपना देख रहे उनके परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना ने नया जीवन और सम्मान दिया है। अब उनका परिवार सिर ढंकने की चिंता से मुक्त होकर एक सुरक्षित भविष्य की ओर देख रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि ‘सुशासन’ का असली अर्थ तभी सार्थक है जब सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचे। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार गरीबों को छत मुहैया कराने के संकल्प के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और भुगतान की प्रक्रिया को सरल रखा जाए।
इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री की सादगी ने यह साबित कर दिया कि वे एक जन-नेता के रूप में जमीन से जुड़े हुए हैं। भैंसामुड़ा की इस घटना ने ग्रामीणों के मन में सरकार के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। लोगों का मानना है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं निर्माण कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, तो भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी और कार्य समय सीमा के भीतर पूर्ण होंगे।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर पत्थलगांव की विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक सरकारी दौरा नहीं, बल्कि जशपुर के ग्रामीणों के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बन गया, जिसने विकास की नई इबारत लिखने का हौसला दिया है।

