नेपाल के रोलपा जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक समाचार सामने आया है, जहाँ गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। थवांग ग्रामीण नगरपालिका-1 के अंतर्गत आने वाले जलजला क्षेत्र में तीर्थयात्रियों से भरी एक बोलेरो जीप अनियंत्रित होकर पहाड़ी सड़क से नीचे गिर गई। यह हादसा इतना भयानक था कि वाहन के खाई में गिरते ही चीख-पुकार मच गई और मौके पर ही कई लोगों ने दम तोड़ दिया।
पुलिस प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बताया जा रहा है कि निजी बोलेरो जीप (Lu 1 Jha 4167) तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही थी, तभी अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। पहाड़ी रास्ते से फिसलने के बाद जीप करीब 700 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे वाहन के परखच्चे उड़ गए और बचाव कार्य में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हादसे की प्राथमिक वजह खराब मौसम और दुर्गम रास्तों को माना जा रहा है। चश्मदीदों और पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी सड़क पर काफी कीचड़ जमा हो गया था। फिसलन भरी सड़क पर चालक वाहन को संभाल नहीं पाया और जीप सीधे गहरी खाई की ओर चली गई। नेपाल के इन पहाड़ी इलाकों में बुनियादी ढांचे की कमी और संकरे रास्ते अक्सर इस तरह के जानलेवा हादसों का कारण बनते हैं।

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हालांकि, गहरी खाई और उबड़-खाबड़ भौगोलिक स्थिति के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है। पुलिस ने शवों को निकालने और उनकी पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस हादसे ने एक बार फिर नेपाल के पहाड़ी जिलों में यात्रा की सुरक्षा और सड़कों के रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि नेपाल में इस तरह के सड़क हादसे हाल के दिनों में बढ़े हैं। इससे पहले 10 फरवरी को भी मध्य नेपाल में एक यात्री बस नदी में गिर गई थी, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई थी और कई घायल हुए थे। रोलपा की घटना ने यह साबित कर दिया है कि सुंदर दिखने वाली ये पहाड़ियाँ यात्रियों के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती हैं, खासकर मानसून और बारिश के मौसम में।
फिलहाल, पूरा जलजला क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सरकार और स्थानीय निकायों से मांग की जा रही है कि वे इन खतरनाक रास्तों पर सुरक्षा घेरे (बैरिकेड्स) लगवाएं और सड़कों की स्थिति में सुधार करें, ताकि भविष्य में किसी और निर्दोष को अपनी जान न गंवानी पड़े। बचाव दल अभी भी घटनास्थल पर मौजूद है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में न फंसा हो।

