मई 2026 की शुरुआत आम आदमी और व्यापारियों के लिए महंगाई के एक बड़े झटके के साथ हुई है। पश्चिम बंगाल और असम समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होते ही सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी (LPG) के दामों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। 1 मई 2026 से लागू हुई इन नई दरों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई है।
इस बार की बढ़ोतरी मामूली नहीं बल्कि एक बड़ा ‘महंगाई बम’ साबित हुई है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में सीधे 993 रुपये का इजाफा किया गया है। इस भारी वृद्धि के बाद देश के प्रमुख महानगरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें 3,000 रुपये के आंकड़े को पार कर गई हैं। राजधानी दिल्ली में अब एक कमर्शियल सिलेंडर 3,071.50 रुपये का मिलेगा, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 3,202 रुपये तक पहुंच गई है।
| शहर | नई कीमत (₹) | पुरानी कीमत (₹) | अंतर (₹) |
| दिल्ली | 3071.50 | 2078.50 | +993.00 |
| कोलकाता | 3202.00 | 2208.00 | +994.00 |
| मुंबई | 3024.00 | 2031.00 | +993.00 |
| चेन्नई | 3237.00 | 2246.50 | +990.50 |
कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर ईरान युद्ध को माना जा रहा है। अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते टकराव के चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का व्यापारिक मार्ग बाधित हो गया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है। सप्लाई चेन टूटने और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियां (OMCs) भारी घाटे में थीं, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है।
राहत की बात केवल इतनी है कि तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो वाले सिलेंडर) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। आम परिवारों के इस्तेमाल वाली रसोई गैस दिल्ली में अब भी 913 रुपये और मुंबई में 912.50 रुपये पर स्थिर है। सरकार और तेल कंपनियों ने घरेलू बजट को फिलहाल इस झटके से बचाए रखने की कोशिश की है, ताकि आम जनता के बीच सीधा आक्रोश न भड़के।
हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में करीब 50% की वृद्धि का असर अप्रत्यक्ष रूप से आम जनता पर ही पड़ेगा। रेस्टोरेंट मालिकों, ढाबा संचालकों और हलवाइयों के लिए अब लागत का प्रबंधन करना मुश्किल होगा। ऐसे में बाहर खाना खाना, चाय-नाश्ता और ऑफिस की थाली महंगी होना तय है। व्यापारियों का कहना है कि वे इस अतिरिक्त बोझ को ज्यादा समय तक खुद वहन नहीं कर पाएंगे और इसका भार अंततः ग्राहकों की जेब पर ही डाला जाएगा।
आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले मार्च में 144 रुपये और अप्रैल में 200 रुपये की वृद्धि की गई थी। अब 1 मई को हुई 993 रुपये की रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। आने वाले दिनों में शादियों और समारोहों का सीजन होने के कारण कैटरिंग सेवाओं के दामों में भी भारी उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे मिडिल क्लास परिवारों का बजट बिगड़ना निश्चित है।

