रायपुर, 14 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक हृदयविदारक खबर है, जहां सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में एक भीषण दुर्घटना हो गई। इस हादसे पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं और स्पष्ट किया है कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती और संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।
राहत कार्यों को गति देते हुए मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की तत्काल घोषणा की है। हादसे में अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, इस घटना में घायल हुए श्रमिकों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना और घायलों की त्वरित रिकवरी सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि सभी घायलों का उपचार पूरी तरह से निःशुल्क और उच्च स्तरीय हो। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि इलाज की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्वयं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है और कहा है कि घायलों की देखरेख के लिए सरकार सतत निगरानी बनाए हुए है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कमिश्नर बिलासपुर को घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है कि इस लापरवाही के लिए जो भी व्यक्ति या प्रबंधन का हिस्सा दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों में चूक को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वर्तमान में, सक्ती जिला प्रशासन और संबंधित विभाग राहत एवं पुनर्वास कार्यों में पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है ताकि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाई जा सके। सरकार ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा ऑडिट और कड़े प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।

