छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले में हुए एक बड़े बदलाव ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जब मुख्यमंत्री का काफिला प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुँचा, तो वहाँ मौजूद कार्यकर्ता और पदाधिकारी यह देखकर हैरान रह गए कि सीएम अपनी चिर-परिचित टोयोटा फार्च्यूनर के बजाय एक चमचमाती नई स्कार्पियो से उतरे। पिछले लगभग ढाई वर्षों से मुख्यमंत्री के बेड़े में वही गाड़ियाँ शामिल थीं जो पूर्ववर्ती सरकार के समय से चली आ रही थीं, इसलिए अचानक हुए इस बदलाव ने लोगों के बीच उत्सुकता पैदा कर दी।
सुरक्षा के लिहाज से किए गए इस बदलाव के तहत काफिले में एक या दो नहीं, बल्कि कुल 6 नई स्कार्पियो गाड़ियाँ शामिल की गई हैं। मुख्यमंत्री अब विशेष रूप से तैयार की गई बुलेटप्रूफ स्कार्पियो में सवारी करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अब तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान खरीदी गई गाड़ियों का ही उपयोग कर रहे थे। लंबे समय बाद सुरक्षा बेड़े में हुए इस नवीनीकरण को प्रशासन की सतर्कता और मुख्यमंत्री की सुरक्षा पुख्ता करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इस बदलाव पर जब मीडिया और भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से सवाल किए, तो उन्होंने बहुत ही व्यावहारिक कारण बताया। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि पुरानी गाड़ियाँ अब जवाब देने लगी थीं और उनके साथ तकनीकी समस्याएं आ रही थीं। उन्होंने बताया कि गाड़ियाँ काफी पुरानी हो चुकी थीं और कभी-कभी तो चलते-चलते अचानक बंद भी हो जाती थीं। मुख्यमंत्री के अनुसार, वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान ऐसी तकनीकी खराबी न केवल समय की बर्बादी है, बल्कि सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा जोखिम पैदा कर सकती है।
भाजपा कार्यालय परिसर में नई गाड़ियों को लेकर काफी देर तक चर्चा का माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल इन नई स्कार्पियो गाड़ियों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सहज अंदाज में कहा कि पुरानी गाड़ियों को बदलने का प्रयास काफी समय से किया जा रहा था, जो आखिरकार आज पूरा हुआ। अब मुख्यमंत्री का नया काफिला पूरी तरह से मुस्तैद और नई गाड़ियों के साथ प्रदेश के दौरों के लिए तैयार है।

