रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में दिनों-दिन बढ़ती ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए यातायात पुलिस ने एक बड़ी और आधुनिक पहल शुरू की है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में विभाग ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9479210632 जारी किया है। इस नंबर के माध्यम से शहर के नागरिक अब सीधे व्हाट्सएप या कॉल करके जाम की सूचना दे सकते हैं, जिससे पीक आवर्स के दौरान होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
इस नई व्यवस्था के तहत आईटीएमएस (ITMS) और कंट्रोल रूम को और अधिक सक्रिय कर दिया गया है। जैसे ही किसी नागरिक द्वारा हेल्पलाइन नंबर पर जाम की जानकारी दी जाएगी, कंट्रोल रूम तुरंत उस क्षेत्र की सबसे नजदीकी ट्रैफिक पेट्रोलिंग टीम को वायरलेस पर अलर्ट भेजेगा। सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुँचेगी और बाधा को दूर कर यातायात को सुचारू बनाने का काम करेगी। पुलिस का मानना है कि इस ‘क्विक रिस्पांस’ सिस्टम से छोटे-छोटे जाम को बड़े अवरोध बनने से रोका जा सकेगा।
तकनीक के इस दौर में यातायात विभाग अब सड़कों की निगरानी के लिए गूगल मैप का भी सहारा ले रहा है। पुलिस अब रियल-टाइम डेटा के आधार पर उन सड़कों की पहचान करेगी जहाँ ट्रैफिक का दबाव अधिक है। गूगल मैप पर दिखने वाले रंगों (जैसे लाल और मेहरून) के आधार पर रणनीतियां बनाई जाएंगी। यदि किसी मुख्य मार्ग पर ‘मेहरून’ रंग दिखाई देता है, जो पूरी तरह बाधित यातायात का संकेत है, तो वहाँ बिना किसी देरी के अतिरिक्त बल भेजा जाएगा।

यातायात पुलिस ने नागरिकों से भी इस डिजिटल व्यवस्था में भागीदार बनने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सुगम यातायात केवल पुलिस के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले गूगल मैप पर ट्रैफिक की स्थिति देख लें और यदि कहीं गहरा लाल या मेहरून रंग दिखे, तो वैकल्पिक मार्ग का चयन करें। इससे न केवल उनका समय बचेगा, बल्कि मुख्य सड़कों पर भी दबाव कम होगा।
रायपुर पुलिस की यह पहल शहर को ‘स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट’ की ओर ले जाने की एक गंभीर कोशिश है। व्हाट्सएप हेल्पलाइन और गूगल मैप की मॉनिटरिंग के समन्वय से उम्मीद जताई जा रही है कि शहरवासियों को सड़कों पर लगने वाले लंबे घंटों के जाम से राहत मिलेगी और सड़क सुरक्षा के मानकों में भी सुधार होगा।

