छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशवासियों को सुरक्षित और बेहतर यातायात की सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने राज्य के विभिन्न जिलों में 15 नई फोरलेन सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत में स्वीकृत इस बजट के माध्यम से कुल 90.5 किलोमीटर लंबी सड़कों को फोरलेन में बदला जाएगा, जिससे राज्य के प्रमुख शहरों में कनेक्टिविटी को एक नई मजबूती मिलेगी।
औद्योगिक हब और शिक्षा के केंद्र दुर्ग जिले में विभाग ने बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया है। यहाँ स्मृति नगर पेट्रोल पंप से लेकर आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के साथ-साथ महाराजा चौक से बोरसी और ठगड़ा बांध जैसे व्यस्त क्षेत्रों के लिए लगभग 76 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और छात्रों व आम जनता को जाम से मुक्ति दिलाना है।
रायगढ़ जिले के लिए भी राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है, जहाँ तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण पर ही अकेले 152 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली और कोतरा थाना मार्ग जैसे प्रमुख व्यापारिक रास्तों को चौड़ा और विद्युतीकृत किया जाएगा। रायगढ़ में होने वाला यह विकास न केवल भारी वाहनों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि औद्योगिक गलियारों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगा।
राजधानी रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में भी अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। रायपुर के अभनपुर क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 के उन्नयन और राजिम में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक नई सड़क बनाई जाएगी। वहीं बिलासपुर में 13.40 किलोमीटर लंबे कोनी-मोपका फोरलेन बायपास के लिए लगभग 82 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जो शहर के बाहरी हिस्से को मुख्य मार्ग से जोड़ते हुए यातायात को रफ्तार देगा।
सरगुजा और जशपुर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी विकास की पहुँच सुनिश्चित की गई है। अंबिकापुर के गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक के मार्ग को 61 करोड़ की लागत से फोरलेन बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों का सफर आसान होगा। जशपुर जिले में पत्थलगांव के मुख्य चौराहे इंदिरा चौक से रायगढ़, अंबिकापुर और जशपुर जाने वाली तीन महत्वपूर्ण सड़कों के मजबूतीकरण के लिए करीब 37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो स्थानीय कृषि व्यापार के लिए जीवन रेखा साबित होंगे।
कबीरधाम जिले में भी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के कुछ हिस्सों को फोरलेन में बदलने और डिवाइडर निर्माण के लिए 54 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह समस्त परियोजनाएं केवल सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके साथ आधुनिक सुरक्षा मानकों और सुव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम का भी ध्यान रखा जाएगा। इन सड़कों के बनने से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच तेज होगी और ग्रामीण उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाने में लगने वाला समय काफी घट जाएगा।
उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि राज्य का संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फोरलेन सड़कों का यह विस्तार छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का एक मजबूत आधार स्तंभ बनेगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच इस बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल व्यापार फलेगा-फूलेगा, बल्कि पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे, जो आने वाले समय में प्रदेश की सूरत बदल देंगे।

