छत्तीसगढ़ में बीते कुछ दिनों से मौसम के मिजाज में आए बदलाव ने लोगों को गर्मी से आंशिक राहत तो दी है, लेकिन आने वाले कुछ दिन सतर्क रहने वाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ अंधड़ और वज्रपात की स्थिति बनी रहेगी। विशेषकर उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में बादलों की आवाजाही और मेघगर्जन का दौर जारी रहने की संभावना है।
रायपुर मौसम केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक, वर्तमान में ओडिशा के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) बनी हुई है, जिसके प्रभाव से नमी आ रही है। इसी मौसमी तंत्र (सिनोप्टिक सिस्टम) के कारण आज प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
तापमान की बात करें तो अगले 72 घंटों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। बीते 24 घंटों में राजनांदगांव 38.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, तीन दिनों के बाद मौसम में स्थिरता आएगी और पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने के आसार हैं, जिससे गर्मी का प्रभाव फिर से तेज होगा।
राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन शाम ढलते ही मौसम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। रायपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बस्तर संभाग और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों जैसे सुकमा और कोंटा में हल्की वर्षा दर्ज की गई है, जो आगामी एक-दो दिनों तक छिटपुट रूप से जारी रह सकती है।

