जगदलपुर/रायपुर: मेघालय की युवा एथलीट बेथलीन ग्रेस माकरी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से इतिहास रच दिया है। रायपुर और जगदलपुर में आयोजित पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में बेथलीन ने महिलाओं की रेस-वॉक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर सबको चौंका दिया। विशेष बात यह है कि बेथलीन ने महज तीन महीने पहले ही इस खेल को अपनाया था, जबकि इससे पहले वह एक मिडिल और लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के रूप में सक्रिय थीं।
खासी जनजाति से आने वाली बेथलीन के लिए यह बदलाव आसान नहीं था। पिछले साल दिसंबर में उनके कोच ने उनके अंदर एक रेस-वॉकर की संभावना देखी, जिसके बाद उन्होंने इस खेल की तकनीकी बारीकियों को सीखना शुरू किया। शुरुआती हफ्तों में उन्हें शरीर में असहनीय दर्द और तकनीक के साथ तालमेल बिठाने में काफी संघर्ष करना पड़ा। आत्म-संदेह और घबराहट के कारण कई रातें वह सो नहीं पाईं, लेकिन अपने परिवार और कोच के प्रोत्साहन ने उन्हें हार नहीं मानने दी।
बुधवार को जगदलपुर के ट्रैक पर बेथलीन का संघर्ष पदक में बदल गया। उन्होंने 1:05:18 का समय निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा में झारखंड की नेहा ज़ालक्सो ने स्वर्ण और ओडिशा की एलीश एक्का ने रजत पदक जीता। जीत के बाद भावुक बेथलीन ने कहा कि यह पदक उनकी कड़ी मेहनत और उनके प्रियजनों के विश्वास का प्रमाण है।
शिलांग कॉलेज में स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा बेथलीन अब मेघालय की एकमात्र ऐसी रेस-वॉकर बन गई हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाई है। वह मानती हैं कि उनके इस प्रदर्शन से मेघालय के अन्य युवाओं को भी रेस-वॉकिंग जैसे कम लोकप्रिय खेलों को पेशेवर तरीके से अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। शुरुआती हिचकिचाहट के बाद, अब उन्हें इस खेल से प्यार हो गया है और वह भविष्य में इसे और बेहतर बनाने के लिए तैयार हैं।

