रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ प्रशासन और पुलिस द्वारा एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 72 घंटों के भीतर जिले के तमनार के बाद लैलूंगा क्षेत्रों में अफीम की अवैध खेती के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग कर दुर्गम इलाकों का सर्वे किया गया, जिससे खरसिया, घरघोड़ा और तमनार जैसे क्षेत्रों में छिपी हुई अवैध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी है।
छापेमारी के दौरान लैलूंगा तहसील के ग्राम नवीन घटगांव और मुड़ागांव में भी अवैध खेती के मामले सामने आए हैं। यहाँ कुछ ग्रामीणों द्वारा अपने खेतों में साग-भाजी के बीच अफीम उगाई जा रही थी। टीम के पहुँचने पर आरोपियों द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास भी किया गया, जिसे विफल कर दिया गया। पुलिस ने मौके से सूखी फसल और अवशेष बरामद कर जांच के लिए भेजे हैं और संबंधितों को हिरासत में लिया गया है।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती एक गंभीर अपराध है और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में भी सीमावर्ती और दूरस्थ क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे और सघन जांच अभियान इसी तरह जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें ताकि नशे के इस कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
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