जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की कोशिश ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। यह सनसनीखेज घटना 11 मार्च 2026 की रात करीब 10:10 बजे जम्मू के ग्रेटर कैलाश स्थित ‘रॉयल पार्क बैंक्वेट हॉल’ में हुई, जहाँ डॉ. अब्दुल्ला एक विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। जैसे ही वे समारोह से बाहर निकल रहे थे, एक हमलावर ने अचानक बेहद नजदीक से रिवॉल्वर निकालकर उन पर फायर करने का प्रयास किया। हालांकि, वहां तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते यह हमला नाकाम रहा और एक बड़ी अनहोनी टल गई।
इस गंभीर मामले की जांच के लिए जम्मू पुलिस ने तत्काल कदम उठाते हुए थाना गंग्याल में FIR नंबर 29/2026 दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की संवेदनशीलता और वीआईपी सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक को देखते हुए जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) भीम सेन टूटी ने एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश जारी किया है।
यह उच्चस्तरीय SIT अब DIG (जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज) की सीधी निगरानी में इस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी। इस 7-सदस्यीय टीम में SSP संजय शर्मा, SP मुख्यालय इरशाद हुसैन राथर और कई अनुभवी निरीक्षकों को शामिल किया गया है। टीम का मुख्य कार्य हमले के पीछे की गहरी साजिश का पता लगाना, हथियार के स्रोत की जांच करना और यह सुनिश्चित करना है कि क्या हमलावर किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या उसने अकेले ही इस वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
आदेश के अनुसार, SIT को एक निश्चित समयसीमा के भीतर अपनी विस्तृत और निष्पक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारी वर्तमान में घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और उस समय ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है।
फिलहाल, जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। फारूक अब्दुल्ला ने इस घटना के बाद धैर्य बनाए रखने की अपील की है, लेकिन राज्य की राजनीति में इस हमले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं जारी हैं। SIT से उम्मीद की जा रही है कि वह अगले कुछ दिनों में अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी, जिससे इस हमले की पूरी पटकथा साफ हो सकेगी।

