रायपुर, 12 मार्च 2026: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 13 मार्च को असम के गुवाहाटी में आयोजित एक भव्य राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के दौरान ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इस गौरवशाली अवसर पर देश के लगभग 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में कुल 18 हजार 650 करोड़ रुपये की सम्मान राशि सीधे हस्तांतरित (DBT) की जाएगी। इस महत्वपूर्ण योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य के कृषि परिदृश्य में भी बड़ी खुशी की लहर है, जहाँ प्रदेश के कुल 24 लाख 71 हजार 498 पंजीकृत किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि भेजी जाएगी। इस कार्यक्रम का सीधा जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद कृषि महाविद्यालय, जोरा में विशेष प्रबंध किए गए हैं, जहाँ से प्रदेश के जनप्रतिनिधि और लाखों किसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री के संबोधन से जुड़ेंगे।
योजना की समावेशी प्रकृति को रेखांकित करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से कमजोर और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यही कारण है कि इस किस्त का लाभ राज्य के 2 लाख 92 हजार वन पट्टाधारी किसानों और 37 हजार 400 विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) के किसानों को भी प्राप्त होगा। विशेष पिछड़ी जनजाति के किसानों के लिए सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कृषि भूमि की अनिवार्य पात्रता संबंधी नियमों को शिथिल किया है, ताकि इन समुदायों को भी आर्थिक संबल मिल सके। वर्तमान में योजना के तहत सभी एकल एवं संयुक्त खाताधारक किसान परिवार, जिनका नाम भू-अभिलेख में दर्ज है, इस निरंतर सहायता के पात्र माने गए हैं।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2018 में शुरू हुई यह शत-प्रतिशत केंद्र पोषित योजना भारतीय कृषि के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई है। छत्तीसगढ़ में फरवरी 2019 में पहली किस्त जारी होने से लेकर अब तक प्रदेश के किसानों को कुल 11 हजार 283 करोड़ 09 लाख रुपये की विशाल धनराशि प्रदान की जा चुकी है। ‘पीएम किसान उत्सव’ के रूप में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में किसान बैठकों का आयोजन कर प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण किया जाएगा। प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की यह सहायता राशि, जो 2-2 हजार रुपये की तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है, न केवल किसानों को बीज और खाद जैसे कृषि निवेशों में मदद कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

