कोल माइंस परियोजना के विरोध में 12 दिसंबर से चल रहा धरना सोमवार को हिंसक हो गया। 14 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र होकर खनन कार्य के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनातनी बढ़ी, जिसके बाद पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालात काबू में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि कोल माइंस परियोजना से उनकी खेती की जमीन, जंगल और जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों की प्रमुख मांगों में उचित मुआवजा, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की स्पष्ट नीति, स्थानीय युवाओं को रोजगार और पर्यावरण संरक्षण की गारंटी शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना सहमति और ग्राम सभा की मंजूरी के खनन कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
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प्रशासन का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों के उकसावे से भीड़ हिंसक हो गई। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और ग्रामीणों से दोबारा संवाद की पहल की जा रही है। वहीं, हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।

