छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा स्थित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के तहत एसीबी ने कोंटा बीईओ को शिक्षकों से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया, जिससे शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई की पृष्ठभूमि शिक्षकों द्वारा की गई गुप्त शिकायत से तैयार हुई थी। कोंटा विकासखंड के कई शिक्षकों ने एरियर्स यानी बकाया राशि का भुगतान और बिल तैयार करवाने के नाम पर बीईओ द्वारा लगातार पैसों की मांग किए जाने की शिकायत एसीबी के अधिकारियों तक पहुंचाई थी।
शिक्षकों की ओर से मिली इस गंभीर शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मामले की अंदरूनी गोपनीय जांच कराई। शुरुआती पड़ताल में ही रिश्वत मांगे जाने के आरोपों के प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद, एसीबी ने इस मामले में एक सुनियोजित ट्रैप कार्रवाई करने की योजना बनाई।
पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत एसीबी की विशेष टीम ने कोंटा स्थित बीईओ कार्यालय में दबिश दी। इस दौरान जैसे ही बीईओ ने शिक्षकों से एरियर्स राशि बनाने के एवज में तयशुदा रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, वैसे ही टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों धर दबोचा।
एंटी करप्शन ब्यूरो की इस अचानक हुई अचानक छापेमारी और गिरफ्तारी से कार्यालय में सनसनी फैल गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई।
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एसीबी की टीम ने बीईओ कार्यालय को अपने कब्जे में लेकर दस्तावेजों की सघन जांच शुरू कर दी। अधिकारी कार्यालय के वित्तीय रिकॉर्ड, एरियर्स से जुड़ी फाइलों और अन्य संचिकाओं की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य संभावित सुरागों और पुख्ता सबूतों को जुटाया जा सके।
इस मामले में एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक औपचारिकताएं और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह भी खंगाला जा रहा है कि इस अवैध वसूली के खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

