ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर अब भारत में भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में शिपमेंट की देरी और आपूर्ति बाधित होने से कुछ क्षेत्रों में गैस वितरण की गति धीमी हुई है। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए साइबर ठग अब आम जनता को निशाना बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी कर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी है। पुलिस के मुताबिक, ठग सोशल मीडिया विज्ञापनों और फोन कॉल के जरिए लोगों को जल्दी एलपीजी सिलेंडर दिलाने या पीएनजी गैस कनेक्शन काटने का डर दिखा रहे हैं। ये अपराधी उपभोक्ताओं को फर्जी लिंक भेजकर उनसे ओटीपी, बैंक विवरण या ऑनलाइन भुगतान की मांग करते हैं।
साइबर ठग खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर लोगों को कॉल करते हैं और दावा करते हैं कि युद्ध की वजह से गैस की भारी किल्लत होने वाली है। वे डराते हैं कि अगर अभी सिलेंडर बुक नहीं किया गया, तो उपभोक्ता के कोटे का सिलेंडर किसी और को दे दिया जाएगा। इस हड़बड़ाहट में लोग अक्सर ठगों के झांसे में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर देते हैं।
अपराधी अक्सर “Pay Now, Get Gas Tomorrow” जैसे आकर्षक मैसेज भेजकर एडवांस पेमेंट की मांग करते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उनके भेजे गए लिंक पर क्लिक करता है, ठग रिमोट एक्सेस के जरिए उसके फोन का नियंत्रण हासिल कर लेते हैं और बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। पीएनजी उपभोक्ताओं को भी बिल बकाया होने और कनेक्शन काटने की धमकी देकर ठगा जा रहा है।
गैस कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वे कभी भी बुकिंग के समय फोन पर अग्रिम भुगतान या बैंक विवरण नहीं मांगती हैं। सुरक्षित रहने के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करना चाहिए और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। किसी भी अनजान कॉल आने पर घबराएं नहीं और अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके अलावा, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। आपकी जागरूकता ही आपको इन डिजिटल लुटेरों से बचा सकती है।

