अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-इजरायल युद्ध के बीच कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि ईरान के साथ तब तक कोई समझौता नहीं होगा जब तक वह “बिना शर्त आत्मसमर्पण” (Unconditional Surrender) नहीं कर देता।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इसके बाद ईरान में एक बेहतर और स्वीकार्य नेता के चयन की प्रक्रिया होगी और अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान को विनाश के कगार से निकालने का काम करेगा।ट्रंप के इस बयान से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि अमेरिका ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में भी दखल देना चाहता है और वहां अपनी पसंद का नेतृत्व देखना चाहता है, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रंप द्वारा दिए गए बड़े बयानों के मुख्य बिंदु:
बिना शर्त सरेंडर ही आखिरी रास्ता: ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर स्पष्ट किया कि “ईरान के साथ बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई डील नहीं होगी”।
नए नेता पर बयान: ट्रंप ने कहा कि सरेंडर के बाद एक “महान और स्वीकार्य नेता” (Great & Acceptable Leader) चुना जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका इस नए नेतृत्व के चयन में शामिल होना चाहता है।
ईरान का भविष्य (MIGA): उन्होंने “मेक ईरान ग्रेट अगेन” (MIGA) का नारा देते हुए वादा किया कि सरेंडर और नए नेतृत्व के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान को आर्थिक रूप से फिर से मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए काम करेंगे।
युद्ध की स्थिति: यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर भारी बमबारी का सिलसिला जारी है और युद्ध अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। व्हाइट हाउस के अनुसार, वे इस सैन्य अभियान के लक्ष्यों को 4 से 6 सप्ताह के भीतर हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया: ईरान के सर्वोच्च नेता और अन्य अधिकारियों ने इन मांगों को खारिज करते हुए इसे युद्ध प्रचार बताया है और जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।

