विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पर्यटन क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय पहचान मिली है। इस विशेष अवसर पर जिले की प्रसिद्ध संस्था ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ‘सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड’ प्रदान किया गया है। 27 सितंबर को रायपुर में आयोजित भव्य विश्व पर्यटन दिवस समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने यह सम्मान संस्था को सौंपा। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन (सीजीटीटीए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें राज्यभर के पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितधारकों को सम्मानित किया गया।
वर्ष 2019 से सक्रिय ‘ट्रिप्पी हिल्स’ द्वारा जशपुर की प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन संभावनाओं को पर्यटकों तक पहुँचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संस्था ने जिले के जलप्रपातों, गुफाओं, जंगलों और पर्वतीय क्षेत्रों को एडवेंचर गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में सराहनीय पहल की है। ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, केव एक्सप्लोरेशन, वाटर एक्टिविटीज और कैंपिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को यहाँ की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता से परिचित कराया जा रहा है, जिससे जिले की पर्यटन क्षमता को एक नया आयाम मिला है।
इस पर्यटन मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता स्थानीय युवाओं और समुदायों की सक्रिय भागीदारी है। संस्था द्वारा ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें गाइड के रूप में तैयार किया गया है, साथ ही स्थानीय होमस्टे और पारंपरिक खान-पान को पर्यटन से जोड़ा गया है। इससे ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं और पर्यावरण संरक्षण के साथ जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा, जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित होने वाले ‘जशपुर जंबूरी’ जैसे एडवेंचर आधारित आयोजनों ने भी इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक मंच प्रदान किया है।
अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद संस्था के फाउंडर एवं डायरेक्टर श्री सौरभ सिंह और को-फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री प्रवीण कुमार सिंह ने इस सफलता का श्रेय जशपुर की माटी, स्थानीय युवाओं, गाइड्स, होमस्टे संचालकों और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों को दिया है। विश्व पर्यटन दिवस 2026 पर मिला यह राज्यस्तरीय सम्मान न केवल संस्था के वर्षों के संघर्ष और मेहनत की पहचान है, बल्कि यह जशपुर को देश के प्रमुख एडवेंचर और इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित होगा।

