वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि अमेरिका उसकी सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट करने के बेहद करीब है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य ईरान के मिसाइल सिस्टम, लॉन्चर्स और सैन्य औद्योगिक ढांचे को जड़ से खत्म करना है, ताकि वह भविष्य में कोई चुनौती न दे सके।
राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया के जरिए संदेश दिया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान अपनी गतिविधियों से पीछे नहीं हटता, तो अमेरिका बिना देरी किए और भी घातक सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप के इस बयान ने खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आहट को और तेज कर दिया है।

मिडिल ईस्ट के समीकरणों पर बात करते हुए ट्रंप ने इज़राइल, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे सहयोगी देशों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने दोस्तों के साथ मजबूती से खड़ा है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन देशों को भी उठानी चाहिए जो इसका सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं।
इस कड़े रुख के बीच ट्रंप ने फिलहाल किसी भी तरह के ‘सीजफायर’ या युद्धविराम की संभावना को खारिज कर दिया है। उनके अनुसार, जब दुश्मन की सैन्य ताकत को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य करीब हो, तो रुकने का सवाल ही नहीं उठता। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तनाव चरम पर है।

