नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट और उससे उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश की आंतरिक और बाह्य तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह समय राजनीति से ऊपर उठकर ‘टीम इंडिया’ के रूप में काम करने का है। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत समन्वय को इस वैश्विक चुनौती से निपटने की सबसे बड़ी शक्ति बताया, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, नागरिकों के हितों की रक्षा करना अनिवार्य है। इसके लिए सरकार आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को सुव्यवस्थित करने और उद्योग जगत को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि ऊर्जा और ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना देश की प्रगति की रफ्तार को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने राज्यों को सख्त निर्देश दिए कि वे बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों और आपूर्ति पर कड़ी नजर रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए। विशेष रूप से कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने उर्वरकों के उचित भंडारण और पारदर्शी वितरण तंत्र की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई, ताकि किसानों को बुवाई के सीजन में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से, प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। समुद्री व्यापार मार्गों पर बढ़ते तनाव को देखते हुए शिपिंग और समुद्री गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा गया है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत समन्वय तंत्र विकसित करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति का सामना तत्परता से किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने जनमानस में विश्वास बनाए रखने के लिए ‘फेक न्यूज’ और भ्रामक अफवाहों के खिलाफ चेतावनी भी दी। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे केवल सटीक और विश्वसनीय जानकारी ही जनता तक पहुँचाने की व्यवस्था करें। उनका मानना है कि सही जानकारी ही समाज में घबराहट (Panic) की स्थिति को रोकने का सबसे प्रभावी हथियार है। इस दौरान उन्होंने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता का आश्वासन देते हुए जनता को आश्वस्त किया कि देश की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों, विशेषकर ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कटौती और कमर्शियल एलपीजी के आवंटन में वृद्धि जैसे निर्णयों का स्वागत किया। सभी राज्यों ने एक स्वर में केंद्र को भरोसा दिलाया कि वे इस वैश्विक संकट के दौरान राष्ट्रहित में पूरी तरह एकजुट हैं। इस सामूहिक संकल्प ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत किसी भी वैश्विक अस्थिरता का सामना करने के लिए रणनीतिक और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह तैयार है।

