नासिक के टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े बहुचर्चित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आपराधिक मामलों में कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ अब उन्हें पारिवारिक मोर्चे पर भी एक बड़ा झटका लगा है।
निदा खान के पति ने पारिवारिक अदालत (फैमिली कोर्ट) में उनके खिलाफ तलाक की अर्जी दाखिल कर दी है। इस याचिका के सामने आने के बाद से यह मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया है, क्योंकि यह विवाद अब केवल दफ्तर या पुलिस तक सीमित न रहकर पारिवारिक संबंधों तक पहुंच चुका है।
तलाक याचिका पर संज्ञान लेते हुए फैमिली कोर्ट ने निदा खान के खिलाफ समन/वारंट जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निदा खान या उनके अधिकृत वकील आगामी 16 अक्टूबर को अदालत के समक्ष उपस्थित हों, जिससे मामले की आगे की कार्यवाही शुरू हो सके।
उल्लेखनीय है कि यह पूरा विवाद नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज उस सनसनीखेज मामले से जुड़ा है, जिसमें टीसीएस की इकाई के भीतर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस मामले ने पूरे देश में तूल पकड़ा था, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को इसमें विशेष जांच दल (SIT) का गठन करना पड़ा था।
एसआईटी (SIT) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में गहन जांच करते हुए मुख्य आरोपी निदा खान को गिरफ्तार भी किया था। हालांकि, बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी, लेकिन जांच का दायरा लगातार जारी रहा।
कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए विशेष जांच दल (SIT) अब तक इस मामले में दो चार्जशीट (आरोपपत्र) दाखिल कर चुका है, जिसमें निदा खान सहित अन्य पहलुओं पर विस्तार से सबूत पेश किए गए हैं। पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
एक तरफ जहां आपराधिक मामलों में एसआईटी की जांच और चार्जशीट पर कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ फैमिली कोर्ट में तलाक के मामले के जुड़ जाने से निदा खान की व्यक्तिगत और सामाजिक मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस दोहरी कानूनी लड़ाई के चलते यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

