मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल उद्बोधन को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे देश की मातृशक्ति के लिए एक युगांतकारी क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को न केवल समावेशी बनाएगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को निर्णायक स्तर पर ले जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के विजन की सराहना करते हुए कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना नए भारत की असली पहचान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिलाएं निर्णय लेने वाली संस्थाओं का हिस्सा बनेंगी, तभी एक विकसित भारत की नींव मजबूत होगी। श्री साय ने 16 अप्रैल को संसद में होने वाली ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की चर्चा को इस ऐतिहासिक यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक जड़ों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी परंपरा में नारी को हमेशा उच्च स्थान प्राप्त रहा है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक समाज की प्रगति में महिलाओं का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने बताया कि वर्तमान की ‘डबल इंजन सरकार’ इसी सांस्कृतिक गौरव को आधुनिक नीतियों के साथ जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही है, जिससे उनके जीवन में सम्मानजनक बदलाव आ रहा है।
राज्य सरकार की उपलब्धियों को साझा करते हुए श्री साय ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं को दिए गए 50 प्रतिशत स्थानीय निकाय आरक्षण का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कदम से जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व उभर कर सामने आया है। इसके साथ ही, ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी दूरगामी योजनाओं ने प्रदेश की लाखों माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है, जिससे उनकी सामाजिक स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है।
एक सुखद संयोग की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक कानून की रूपरेखा तैयार हो रही है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान अब प्रदेश की पहचान बन चुका है और सरकार इसे जन-जन के गौरव से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं और विभिन्न महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे इस परिवर्तनकारी दौर में अपनी आवाज को और बुलंद करें। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज के हर मंच पर महिलाओं की बढ़ती सक्रियता से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने आह्वान किया कि महिलाएं इस विकास यात्रा में केवल लाभार्थी न बनें, बल्कि सक्रिय नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाएं ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा तय हो सके।

अपने संबोधन के समापन में श्री साय ने एक सशक्त संदेश देते हुए कहा कि जब एक नारी सशक्त होती है, तो वह पूरे परिवार और राष्ट्र को सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि अब वह समय आ गया है जब देश की आधी आबादी को उनके पूरे अधिकार दिए जाएं और उन्हें विकास की मुख्यधारा में बराबरी का स्थान मिले। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार महिलाओं के हितों की रक्षा और उनके उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने सरकार की कल्याणकारी नीतियों के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

